जयपुर। खुशनुमा मौसम, संगीत के सौंदर्य से सराबोर माहौल और मंत्र मुग्ध श्रोता। जवाहर कला केन्द्र में बुधवार को ऐसा ही दृश्य नजर आया। मौका था केन्द्र की ओर से विश्व संगीत दिवस के अवसर पर ‘नव को पहचान, अनुभव को सम्मान’ के ध्येय के साथ आगे बढ़ रही पहल ‘कला संसार’ के तहत आयोजित विशेष कार्यक्रम मधुरम् का। मधुरम् के पहले दिन ग्रैमी अवॉर्ड विजेता पद्म भूषण पं. विश्व मोहन भट्ट और पं. सलिल भट्ट ने अद्भुत जुगलबंदी से महफिल सजाई। पं. विश्व मोहन भट्ट और पं. सलिल भट्ट के साथ पं. राम कुमार मिश्रा ने अपने स्वर ताल के अनूठे कार्यक्रम से श्रोताओं को सात्विक स्वरों से धन्य किया। इस मौके पर गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव कला, संस्कृति पर्यटन, साहित्य, पुरातत्व विभाग और महानिदेशक, जवाहर कला केन्द्र, केन्द्र की अतिरिक्त महानिदेशक प्रियंका जोधावत, केन्द्र के अतिरिक्त महानिदेशक (तकनीकी) संजय झाला, शासी परिषद सदस्य जी.एस. बाफना, अन्य संगीत प्रेमी व गणमान्य मौजूद रहे।
पं. विश्व मोहन भट्ट के स्व रचित राग विश्वरंजिनी से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें आलाप, जोड़ आलाप, जोड़ झाला, विलंबित और द्रुत गत, तीन ताल मे निबद्ध थी। पं. विश्व मोहन भट्ट ने अपनी ग्रैमी अवॉर्ड विजेता रचना ‘अ मीटिंग बाय द रिवर’, भूपाली धुन तथा वंदे मातरम के वादन से स्वरों को साकार किया। मोहन वीणा और सात्विक वीणा की जुगलबंदी तथा राम कुमार मिश्रा का तबला अप्रतिम रहा।
गौरतलब है कि मधुरम् के दूसरे दिन 22 जून को बच्चों द्वारा संगीतमयी प्रस्तुति दी जायेगी। सायं 6:30 बजे रंगायन में नावेद नवाब खान (जोधपुर) संतूर वादन करेंगे। वहीं जूनियर समर कैंप में प्रशिक्षित प्रतिभागियों द्वारा भरतनाट्यम, कथक, गिटार व तबला वादन की प्रस्तुति दी जाएगी।