जयपुर. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) में चल रहे घूसकांड मामले में गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड अवधि पूरी होने पर गुरुवार को एसीबी ने न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने एक्सईएन मायालाल सैनी, एईएन राकेश चौहान, जेईएन प्रदीप, ठेकेदार की फर्म के कर्मचारी मलकेत सिंह व प्रवीण कुमार को जेल भेज दिया।
एसीबी ने ठेकेदार ठेकेदार पदम चंद जैन की चार दिन की रिमांड मांगी। जिसका आरोपी के अधिवक्ता दीपक चौहान ने विरोध किया। उन्होंने कोर्ट से कहा कि एसीबी मामले में बरामद मेजरमेंट बुक और मुहर के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए रिमांड मांग रही है। जबकि यह पहले ही दिन बरामद हो गए थे और आरोपी तीन दिन की रिमांड पर रहे हैं। इस दौरान आरोपी से इनके संबंध में अनुसंधान क्यों नहीं किया गया। दोनों पक्षों की सुनने के बाद न्यायालय ने ठेकेदार पदमचंद की एक दिन की रिमांड अवधि बढ़ा दी।
एसीबी ने एफआईआर में यह भी बताया कि ठेकेदार पदमचंद, एक्सईएन मायालाल से हुई बातचीत के बारे में 16 जून को उमेश (निजी व्यक्ति) को बताते हुए कहता है कि मायालाल जयपुर आया था और रात को ही निकल गया। उसने कहा कि पैसे तो वहां ही भेज देना। तब उमेश आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहता है कि मायालाल ने ऐसा कह दिया। तभी पदमचंद जैन बहरोड एईएन से बात करने के लिए कहता है। इस पर उमेश ने कहा कि उससे बात हो गई। तब पदमचंद गुस्से में कहता है कि ले जाओ पैसे और उसके माथे पर मार कर आ जाओ।
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चोरों की पर्ची बना लो, एईएन डरकर बोल रहा है आप तो बिल्कुल फर्जीवाड़ा कर रहे हो
ठेकेदार पदमचंद जैन और उमेश के बीच 5 अगस्त को भी बातचीत होती है। उमेश कहता है कि एक्सईएन से टाईअप कर लूंगा कि वो कब तक आएंगे। तब पदमचंद ने कहा कि वो 11-12 बजे तक आ जाएगा। तुम इन चोरों की पर्ची तो बना लो। जिसपर उमेश कहता है कि पर्ची क्या बनाऊंगा, मौके पर चेक में अमाउंट देखकर वहीं बता दूंगा। इस पर पदमचंद कहता है कि पहले का भी मैटर पड़ा है। तब उमेश जवाब देता है कि एईएन डर रहा है और कह रहा है कि आप लोग तो बिल्कुल फर्जीवाड़ा कर रहे हो और आश्वासन देते हुए कहता है कि मैं जेईएन से करवा लूंगा या फिर एडजस्ट करवा लूंगा।