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साकार हुई परंपरा : धूमधाम से निकाली जा रही हेड़े की परिक्रमा

भाद्रपद छठ पर आज श्रीगोपालजी महाराज की 205वीं पारंपरिक हेड़े की परिक्रमा निकाली जा रही है। समाज श्री गोपालजी का मंदिर की ओर से आयोजित हेड़े की परिक्रमा सुबह गोपालजी के रास्ता स्थित नृसिंह मंदिर से रवाना हुई।

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जयपुर

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Murari

Sep 21, 2023

जयपुर। भाद्रपद छठ पर आज श्रीगोपालजी महाराज की 205वीं पारंपरिक हेड़े की परिक्रमा निकाली जा रही है। समाज श्री गोपालजी का मंदिर की ओर से आयोजित हेड़े की परिक्रमा सुबह गोपालजी के रास्ता स्थित नृसिंह मंदिर से रवाना हुई। समाज के लोग सफेद धोती कुर्ता एवं मोतिया रंग की पारंपरिक पगड़ी पहने नंगे पांव ढोलक—मंजीरों के साथ संकीर्तन करते हुए रवाना हुए।

समाजबंधु परिक्रमा मार्ग में आने वाले मंदिरों के दर्शन करते चल रहे है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जौहरी बाजार के प्रत्येक मंदिर के दर्शन किए। सांगानेरी गेट पर हनुमान जी के दर्शन करने के बाद परिक्रमा आगे के लिए रवाना हुई। समाज के लोग पदों का गायन करते हुए धूलेश्वर महादेव, हाथी बाबू बाग होते हुए नाहरी का नाका पंचमुखी हनुमान, बदरी नारायण जी की डूंगरी, गढ़ गणेश, नहर के गणेश जी, धोती वालों की बगीची, लाल डूंगरी कल्याण जी मंदिर आदि धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए दोपहर में गलता तीर्थ पहुंचे। गलता से परिक्रमा पुन: रवाना होकर घाट के बालाजी होते हुए सिसोदिया रानी के बाग में स्थित चतुर्भुजजी के मंदिर पहुंचेगी, जहां पर गोठ का आयोजन होगा।

समाज के कुंजबिहारी धोतीवाला ने बताया शोभायात्रा शाम 5 बजे घाट की गुणी स्थित फतेहचंद्रमाजी मंदिर से राधा गोपालजी व ललिता-विशाखा सखी को बहुमूल्य आभूषण एवं पोशाक धारण करवा कर स्वरुप सजाए जाएंगे। स्वरूपों को चांदी की पालकी में विराजमान कर परिक्रमा आगे के लिए रवाना होगी। परिक्रमा ट्रांसपोर्ट नगर, घाटगेट होते हुए सांगानेरी गेट पहुंचेगी। इससे पहले अग्रवाल कॉलेज के सामने स्वरूपों की आरती की जाएगी। इसके बाद परिक्रमा सांगानेरी गेट से पूरे लवाजमे के साथ शोभायात्रा के रूप में जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता होते हुए रात करीब 10 बजे गोपालजी का रास्ता स्थित गोपालजी के मंदिर पहुंचेगी।

सोना व रत्न जडि़त पारचे की पोशाक करेंगे धारण
गोपालजी महाराज की हेड़े की परिक्रमा में श्रीराधा-गोपालजी के स्वरूपों को सोने का काम की हुई रत्न जडि़त पारचे की पोशाक धारण कराई जाएगी। इन स्वरूपों के साथ राधाजी की प्रिय सखियां ललिता और विशाखा के स्वरूप भी साथ रहेंगे। चारों स्वरूप तीस किलो वजनी पोशाक धारण किए रहेंगे। एक पोशाक का वजन करीब 8 किलो है। स्वरूपों की झांकी को कड़ी सुरक्षा में निकाला जाएगा। झांकी के साथ घुड़सवार पुलिस के जवानों के अलावा सशस्त्र पुलिस बल और पुलिस थानों का जाप्ता सुरक्षा में रहेगा। लवाजमा, बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा भजन-कीर्तन करते हुए जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता होते हुए रात दस बजे गोपालजी के मंदिर पहुंचेगी। जगह-जगह शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा।