
स्पेशल ऑपरेश ग्रुप (एसओजी) डमी अभ्यर्थी बनकर उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में बैठने वाली वांटेड वर्षा बिश्नोई की तलाश में जोधपुर, सांचौर, जालोर व नागौर में कई जगह दबिश दे रही है। सूत्रों के मुताबिक जोधपुर में फस्ट ग्रेड शिक्षिका वर्षा बिश्नोई से कुछ किलोमीटर दूर एसओजी की टीम पहुंच भी गई थी। लेकिन वर्षा खुद ही अपनी मां को कार में बैठाकर रफ्तार से दौड़ा ले गई। उधर पूछताछ में गिरफ्तार उपनिरीक्षक जगदीश सिहाग ने बताया कि 4 मार्च को वर्षा को उसकी कुंडली एसओजी को मिल गई, इसकी जानकारी लग गई थी। तब उसने अपना ठिकाना छोड़ दिया था। जोधपुर में वर्षा अपने ममेरे भाई के साथ रहती थी। ममेरे भाई ने वर्षा को पूछा कि वह कहां है, तब उसने एक धार्मिक स्थल पर जाने की बात कही और ममेरे भाई के अकाउंट में जगदीश सिहाग से 2000 रुपए डलवाए थे। ममेरा भाई श्रवण कुमार माउंट आबू से बीएड कर रहा है। वर्षा ने 2000 रुपए भिजवाने के साथ श्रवण को माउंट आबू घूमकर आने की नसीहत भी दी। एसओजी सूत्रों के मुताबिक उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में चार अन्य प्रशिक्षु थानेदारों के खिलाफ कुछ सबूत मिले हैं, जिनकी तस्दीक के बाद जल्द उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। प्रशिक्षण ले रहे थानेदारों में बड़ी संख्या में पेपर लीक व डमी अभ्यर्थी के जरिए चयन होने वाले भी बताए जा रहे हैं।
मोटी रकम मिलने पर कई परीक्षाओं में बनी डमी अभ्यर्थी
एसओजी सूत्रों के मुताबिक वर्षा बिश्नोई के पकड़े गए रिश्तेदार व अन्य परिचितों से पूछताछ के बाद सामने आया कि वह कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बनी थी। डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने पर उसे मोटी रकम मिली थी, जिसके बाद कई बार मोटी रकम लेकर डमी अभ्यर्थी बनी।
टेलेंटेड ऐसी, बिना पेपर लीक में भी चयन हुआ
एसओजी के मुताबिक ही वर्षा टेलेंटेड ऐसी थी कि उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर दूसरे व तीसरे दिन लीक हुआ। लेकिन वह पहले दिन हुई परीक्षा में भी बिना पेपर देखे पास हुई, जबकि अन्य दूसरे व तीसरे दिन की परीक्षा में पेपर देखकर परीक्षा दी।
Published on:
14 Mar 2024 09:47 pm
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