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जयपुर आर्ट वीक: JKK में आर्टलवर्स की पेटिंग्स और इंस्टॉलेशन वर्क का जलवा, कैनवास पर उकेरी जयपुर की सुंदरता

Jaipur Art Week: जयपुर आर्ट वीक का दूसरा दिन आर्टलवर्स से गुलजार रहा। मंगलवार को शहर का कल्चर हब जवाहर कला केंद्र एक तरह से पेंटिंग्स और इंस्टॉलेशन वर्क से आबाद हो उठा।

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Jaipur Art Week

Jaipur Art Week: जयपुर आर्ट वीक का दूसरा दिन आर्टलवर्स से गुलजार रहा। मंगलवार को शहर का कल्चर हब जवाहर कला केंद्र एक तरह से पेंटिंग्स और इंस्टॉलेशन वर्क से आबाद हो उठा। राजस्थान पत्रिका के सपोर्ट से आयोजित जयपुर आर्ट वीक के तहत जेकेके में दुनिया के जाने-माने कलाकारों की पेंटिंग्स को अनूठी शैली के साथ डिस्प्ले किया गया।

इस बीच जयपुर के कलाकारों ने भी अपनी कलात्मकता के रंग बिखेरकर जयपुर की बसावट और यहां की हवेलियों की सुंदरता को बखूबी उकेरा। कलाकार दीपा कुमावत ने अपनी पेंटिंग्स में आमेर क्षेत्र के आसपास के अतीत को रेखाओं के संयोजन के साथ उकेरा। साथ ही उन्होंने जयपुर की कहानी को तीन अलग-अलग युगों के माध्यम से दर्शाया।

उनका कहना था कि परिवर्तन मेरी कलात्मक खोज का सार है। इसके अलावा नरेंद्र कुमार सैन अमर बकरा, रोहिणी सिंह ने पोस्टकार्ड और नेहा लूथरा ने पोर्टल्स के जरिए जयपुर शहर की छवि को दर्शाया।

क्रॉस रोड्स पर 'आशा की नई किरण'

जेकेके की सुकृति आर्ट गैलेरी में कलाकार एड्रियन फर्नांडीज ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने चित्रों, मॉडलों, फोटोग्राफी और वीडियो के माध्यम से पर्यावरणीय चुनौतियों को दर्शाया। उन्होंने भारत के ऊर्जा उत्पादन उद्योग के जटिल संबंधों को उजागर किया। हर एक कलाकृति ने तेल निष्कर्षण की विशेष कहानी प्रस्तुत किया।

वहीं, जेकेके की सुरेख गैलेरी में कलाकार शिल्पा बवाने ने अपनी कला के माध्यम से जयपुर की हवेलियों के आर्किटेक्चर को दर्शाया। इसके साथ ही अलंकार आर्ट गैलेरी में मानसी शाह ने इंस्टॉलेशन वर्क को शोकेस किया।

अलंकार कला दीर्घा में ही कलाकार हर्षित अग्रवाल ने एआइ पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। यहीं पर वलय गाडा की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें उन्होंने क्रॉस रोड्स पर 'रीडिंग रून्स' इंस्टॉलेशन वर्क डिस्प्ले किया। कलाकार वलय गाडा ने बताया कि उनका इंस्टॉलेशन वर्क कोविड टाइम में तैयार किया गया। जिसमें उन्होंने जंगल के अवशेषों का रूप लेने वाले पैनल को कुछ इस तरह दर्शाया कि कलाप्रेमियों को आशा की नई किरण दिखाई दी।

'कला के प्रति समाज की अहम जिम्मेदारी'

अलंकार आर्ट गैलेरी में आयोजित पैनल डिस्कशन में कला के प्रति समाज की अहम जिम्मेदारी को लेकर भी चर्चा की गई। जिसमें बताया गया कि अगर कला को समाज का सपोर्ट मिले तो निश्चित ही कला का भला हो सकता है। डिस्कशन में कलाकार रितु सिंह ने कहा कि कला को देखने के लिए समाज को एक नजरिया भी डवलप करना होगा। इसके लिए कलाकार और समाज के बीच एक सेतु बनाने की जरूरत है। डिस्कशन में लिज वेस्ट, नंदन ​घीया और मनीषा गेरा बासवानी ने कला पर गंभीरता से चर्चा की। पैनल डिस्कशन को एम्मा समनेर ने मॉडरेट किया।

योग और स्कल्पचर का सामंजस्य

जयपुर आर्ट वीक के तहत आम्रपाली संग्रहालय में दिल्ली की कलाकार नताशा सिंह इंस्टॉलेशन वर्क डिस्पले किया गया। इस दौरान वॉकथ्रू में उन्होंने कलाप्रेमियों को योग और स्कल्पचर के बीच सामंजस्य को दर्शाया। उन्होंने वुडन स्कल्पचर्स के माध्यम से योग की विभिन्न मुद्राओं को भी बखूबी उभारा।

उनका कहना था कि नाड़ी जनरेटिव न्यू-मीडिया स्कल्पचर्स का एक संग्रह है। अध्ययन की गति का विषय योग में शामिल शरीर और सांस है। इन स्कल्पचर्स के माध्यम से उन्होंने शरीर और सांस की लय, गति और प्राण की उतार-चढ़ाव को दर्शाया। इसके अलावा कलाकार कुम कुम फर्नांडो ने वर्कशॉप के जरिए कलाप्रेमियों को कोलाज मेकिंग की बारीकियां बताईं।

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