
डीजे गर्ल शिखा और उसकी बहन मेघा ने वैशालीनगर के एक डाक्टर से एक करोड़ से अधिक की वसूली की। साथ ही दर्जनभर व्यवसायियों को जाल में फांसा। शिखा तो गिरफ्त में आ गई लेकिन उसकी बहन एसओजी की पकड़ से अभी बाहर है। गिरोह ने बीकानेर और उदयपुर में रहने वाले फिल्म प्रोड्यूसर को भी शिकार बनाया। दोनोंं से करीब एक करोड़ रुपए ऐंठे।

आकांक्षा नौकरी की तलाश में जयपुर आई थी। यहां गिरोह में फंसी और ब्लैकमेलर बन गई। आकांक्षा जयपुर के हाई प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग केस में मुख्य आरोपित हैं।

वंदना ने यूट्यूब के जरिए प्रॉपर्टी डीलरों को शिकार बनाकर लाखों रुपए बटोरें।

उत्तराखंड निवासी कल्पना उर्फ रीया को एसओजी ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में गिरफ्तार किया। राजधानी में ब्लैकमेलर गिरोह को पांव पसारने में पुलिस की भी भूमिका सामने आई।

पूनम कंवर ने मसाज पार्लर और विज्ञापन के जरिए ग्राहकों को फंसा कर लाखों की ठगी की। यह आंटी के नाम से भी जानी जाती है।

एनआरआइ युवती रवनीत कौर उर्फ रीत के माता-पिता सिंगापुर के निवासी हैं। रीत एमबीए करने जयपुर आई थी। रीत के जाल में फंसे एक नामी डाक्टर से गिरोह ने 1.35 करोड़ तक वसूल लिए थे। इसी तरह अलवर के एक रिसोर्ट मालिक को 50 लाख की चपत लगाने सहित 7 नामी व्यवसायियों को प्रेमजाल में फांसकर रीत ने लाखों रुपए ऐंठे।

रीमा शुक्ला ब्लैकमेलिंग के जरिए व्यवसायियों से करीब 70 लाख रुपए ऐंठे।