
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वाथ्य विभाग के दावों के विपरीत स्वाइन फ्लू इस साल तूफानी गति से आया स्वाइन फ्लू थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति ऐसी है कि स्वाइन फ्लू महज 16 दिन में 24 लोगों की जान लील गया है। स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा कहर राजधानी में है। यहां 280 लोग स्वाइन फ्लू का दर्द झेल रहे हैं और 4 लोगों की मौत हो चुकी है। उधर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वाइन फ्लू के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान के लिए किए जा रहे सर्वे पर अब सवाल उठने लगे है। क्योंकि विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता ने जब इस सर्वे की हकीकत मंगलवार को देखी तो उन्होंने शहर की आधा दर्जन डिस्पेंसरियों के कार्मिकों को चार्जशीट थमा दी। वहीं इस साल के 16 दिनों का हाल देखें तो स्वाइन फ्लू से हो रही मौत के मामले में जयपुर और जोधपुर हाई रिस्क जोन बन गए है। इन दोनो जिलों में सर्वाधिक 8 मौतें स्वाइन फ्लू से हो चुकी है। पिछले साल भी स्वाइन फ्लू से सबसे ज्यादा मौत इन दोनों ही जिलों में हुई थी।
आपको बता दें कि प्रदेश में नए साल की शुरूआत के साथ ही एक के बाद एक लोगों की जान ले रहा स्वाइन फ्लू चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए महज सीजनल डिजीज यानि मौसमी बीमारी की तरह हो गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वायरस के स्वरूप में बदलाव से अब ऐसे हालात बने हैं कि स्वाइन फ्लू के मामले पूरे साल आते रहेंगे। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी सर्दी ज्यादा है तो स्वाइन फ्लू के मामले थोडा ज्यादा आएंगे और फिर आने वाले कुछ महीनों में कम हो जाएंगे। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वाथ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ नरोत्तम शर्मा का कहना है कि स्वाइन फ्लू को लेकर शहर में लगातार सर्वे करवाया जा रहा है।
Published on:
17 Jan 2018 12:10 pm

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