– सुबह पानी मिलने की उम्मीद
पुनीत शर्मा
जयपुर. बीसलपुर से जयपुर तक 105 किमी लंबी बीसलपुर लाइन के रख-रखाव में फर्म और इंजीनियरों की लापरवाही गुरुवार को जलदाय विभाग व शहर के लिए परेशानी बढ़ाने वाली साबित हुई। 400 एमएम की लाइन में 5 से ज्यादा लीकेज छह घंटे के शटडाउन के दौरान शाम 4 बजे तक दुरुस्त तो कर लिए गए लेकिन लाइन खाली करने के लिए 4 करोड़ लीटर पानी बांडी नदी में छोड़ बर्बाद करना पड़ा। जिससे वर्षों से सूखी बांड़ी नदी अचानक बहने लगी। उधर, इंजीनियरों ने शाम 7 बजे तक पानी जयपुर पहुंचने का दावा किया लेकिन दावा हवा हो गया। सुबह तो जैसे-तैसे लोगों ने काम चला लिया लेकिन दोपहर बाद शहर में बूंद-बूंद के लिए त्राहि-त्राहि मच गई।
3 करोड़ लीटर पानी बहाया
बीसलपुर प्रोजेक्ट के इंजीनियरों को लीकेज का पता मंगलवार रात को चला। मरम्मत के लिए लाइन को लीकेज वाली जगह से जयपुर की तरफ 6 किमी तक खाली किया गया। लाइन में भरे हुए 3 करोड़ लीटर पानी को सूखी बांडी नदी में छोड़ा गया। मंगलवार व बुधवार को लीकेज से लगभग 15 एमएलडी ( डेढ़ करोड़ लीटर) पानी बह गया। गुरुवार को लाइन खाली करने का काम तेज किया गया और करीब 25 एमएलडी ( ढाई करोड़ लीटर) पानी नदी में छोड़ा गया। नदी बहने लगी तो आस-पास के गांवों के बच्चे वहां नहाने पहुंच गए।
इस टीम ने संभाला मोर्चा
आरसी मीणा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता
सतीश जैन, अधीक्षण अभियंता,बीसलपुर प्रोजेक्ट
हरलाल, अधिशासी अभियंता बीसलपुर प्रोजेक्ट