
Jaipur Bomb Blast Decision : कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी माना, एक को किया बरी
जयपुर। 13 मई 2008 ( jaipur bomb blast 13 may 2008 ) को राजधानी में हुए आठ सिलसिलेवार बम धमाकों ( jaipur bomb blast 2008 ) के मामले में चारों दोषियों को आज शाम चार बजे सजा सुनाई जाएगी। विशेष अदालत में गुरुवार को न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने दोषियों की सजा पर सुनवाई की। दोषी ठहराए गए सरवर आजमी, सलमान, मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान के वकील ने कोर्ट से रहम की गुहार की तो राज्य सरकार ने फांसी की सजा देने की मांग की। इस दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच चारों दोषियों को न्यायालय में पेश किया गया।
दोषी बोले- रहम करो
न्यायमित्र अधिवक्ता पैकर फारुख ने चारों दोषियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि, आयु और भुगती सजा के आधार पर रहम की गुहार की। दोषियों का आपराधिक रेकॉर्ड नहीं होने का हवाला दिया और कम से कम सजा की अपील की।
सरकार बोली- फांसी हो
विशेष लोक अभियोजक श्रीचंद ने घटना की वीभत्स तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि मुबंई के 26/11 के बाद यह भारत की सबसे बड़ी आतंकी घटना है। ऐसे में दोषियों को फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए।
मुकदमा नंबर 121 में गिरफ्तार होगा शाहबाज!
सीरियल बम विस्फोट मामले में दोषमुक्त किए गए शाहबाज फिलहाल जयपुर जेल में ही रहेगा। शाहबाज के खिलाफ जयपुर जेल में लोक सेवक को धमकाने के दो मामले दर्ज हैं। इसके अलावा राजस्थान एटीएस में मुकदमा नंबर 121/2008 भी विचाराधीन है। बता दें यह वह मामला है, जिसमें सीरियल बम विस्फोट के दौरान चांदपोल बाजार में दुकान नंबर 17 के सामने साइकिल पर पीछे रखे बैग में जिंदा बम मिला था। यह मुकदमा कोतवाली थाने के तत्कालीन कांस्टेबल हनुमान सहाय ने दर्ज कराया था। बाद में इसे बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया था। राजस्थान एटीएस ने बम विस्फोट के आठ मुकदमों में चार्जशीट पेश की थी। जबकि जिंदा बम मिलने वाले मामले में अभी अनुसंधान ही चल रहा है। जिंदा बम रखने और साजिशकर्ता के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है। जल्द ही एटीएस इस मामले में शाहबाज को गिरफ्तार कर सकती है। जिंदा बम मिलने पर 153, 153 (ए) आइपीसी, 4, 3, 6, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम में मामला दर्ज है। उधर, जेल प्रशासन की ओर से दर्ज करवाए गए मामले भी विचाराधीन हैं।
Updated on:
20 Dec 2019 07:49 am
Published on:
20 Dec 2019 07:42 am
