
Jaipur Bomb Blast Case
जयपुर. जयपुर बम ब्लास्ट के आरोपियों के हाईकोर्ट से बरी होने के मामले में भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन यानि एसएलपी दायर करने की तैयारी कर ली है। पार्टी गुरुवार को दो गवाहों के जरिए यह एसएलपी दायर कर रही है। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की मौजूदगी में यह पिटिश दायर की जाएगी।
रामलीला मैदान में बम ब्लास्ट पीड़ितों के पक्ष में आयोजित सभा में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने इसकी घोषणा की। इस दौरान पीड़ितों ने अपनी बात रखी तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सभी ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। पीड़ितों के आंसू देख जयपुर ग्रेटर नगर निगम महापौर सौम्या गुर्जर सहित कई लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।
पीड़ितों को बैठाया मंच पर, नेता बैठे नीचे
पार्टी ने बम ब्लास्ट पीड़ितों के लिए सभा का आयोजन किया गया था। इस वजह से मंच पर केवल पीड़ितों को जगह दी गई। भाजपा के सभी नेता नीचे की तरफ बैठे। इस दौरान बम ब्लास्ट पीड़िता मोबिना ने कहा कि बम ब्लास्ट करने वाले पहले गुनहगार थे तो अब क्यों नहीं रहे। कांग्रेस ने आंखें बंद कर ली है। इस सरकार को जनता जवाब देगी। किशन नामा की मां ने कहा कि मुझे बेटे को खोने का गम है। ताराचंद के बेटे शशांक ने कहा कि बम ब्लास्ट का दिन काला दिन था। एक 16 साल के बच्चे पर परिवार का बोझ आ गया। आप जनप्रतिनिधि मिलकर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाएं।
सरकार को समय रहते पीड़ितों की चीत्कार को सुनना चाहिए
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं। जब जयपुर जख्मी हुआ, उन जख्मों को आज हम हरा देख रहे हैं। उस समय 71 लोग बेजान होकर जमीन गिर गए। चारों और चीत्कार उठा। आज वो चीत्कर और मन में दर्द पीड़ित परिवारों की आंखों में देख रहा हूं। उन्होंने कहा कि सरकार ने एएजी को हटाकर इतिश्री कर ली। अपराधियों की तरफ से बड़े-बड़े वकील आए और सरकार ने छोटा सा वकील किया। सरकार को इस जयपुर की चीत्कार को सुन लेना चाहिए। बद्दुआ जयपुर के जनमानस से निकली है। सरकार को समय रहते हुए कार्रवाई कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की कुर्सी के पाए हिले और 92 विधायकों ने इस्तीफे दिए तो हाईकोर्ट में बड़े वकील पहुंच गए। फिर क्या मजबूरी रही कि इस मामले में बड़े वकील नहीं लगाए गए।
भाजपा आपके साथ कदम मिलाकर चलने को तैयार
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि दुर्भाग्य है कि क्या कारण था कि जहां लोअर कोर्ट ने फंासी की सजा सुनाई फिर गवाह और सबूत कहां चले गए। आतंकवादी सुप्रीम कोर्ट वकील खड़े कर सकती है तो सरकार एक भी बड़ा वकील खड़ा हीं कर पाइर्। किसको खुश करने के लिए सरकार को एएजी कोर्ट में एपीयर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बाटला हाउस में आतंकवादी मर जाते है तो सलमान खुर्शीद कहते हैं कि इनकी मौत हुई तो रातभर उनकी अम्मा के आंसू नहीं रुक पाए। तब जाकर ध्यान में आता है कि रामनवमी और नववर्ष के जुलूस को रोकने की हिमाकत क्यों की जाती है। जोशी ने विश्वास दिलाया कि पीड़ितों के सुख-दुख में भाजपा परिवार उनके साथ खड़ा है।
Published on:
12 Apr 2023 10:57 pm
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