
जयपुर। आमेर में नई माता मंदिर के पास अटैची में मिला शव झोटवाड़ा के शिवपुरी विस्तार निवासी 27 वर्षीय दुष्यंत पुत्र रामेश्वर प्रसाद शर्मा का था। फिरौती के लिए 2 मई को उसका अपहरण हुआ था। उसे बजाजनगर में अनीता कॉलोनी स्थित ईडन गार्डन के एक फ्लैट में हाथ-पांव बांधकर रखा गया। अपहर्ताओं ने 3 मई को सुबह 10 बजे दुष्यंत के मोबाइल से ही उसके पिता को फोन किया और 10 लाख रुपए दुष्यन्त के बैंक खाते में जमा कराने को कहा। सहकारिता विभाग में कनिष्ठ लिपिक पिता रामबाबू ने तुरंत 3 लाख रुपए जमा करा दिए लेकिन इसके बाद अपहर्ताओं ने फोन बंद कर दिया।
परिजन ने उसी समय झोटवाड़ा थाने में मामले की जानकारी दी तो पुलिस उसकी लोकेशन खंगालने में जुट गई। इसी बीच दुष्यंत के परिचित से मूलत: फालना (पाली) हाल अनिता कॉलोनी निवासी प्रिया सेठ से संपर्क होने की जानकारी सामने आई। तब पुलिस गुरुवार रात ईडन गार्डन स्थित फ्लैट पर पहुंची। वहां से प्रिया सेठ, अपहरण-हत्या में सहयोगी मूलत: पदमपुर (श्रीगंगानगर) निवासी 20 वर्षीय दीक्षांत कामरा और श्रीगंगानगर के ही लक्ष्य वालिया को पकड़ा। ये लोग फ्लैट में अपना सामान बांधकर भागने की फिराक में थे।
अपहर्ताओं ने धमकी दी थी, फोन बंद किया या पुलिस को बताया तो दुष्यन्त को मार डालेंगे
दुष्यन्त का अपहरण करने वालों ने उसके पिता रामेश्वर प्रसाद शर्मा को धमकी दी थी, आधे घंटे में दुष्यन्त के बैंक खाते में 10 लाख रुपए जमा कराओ। फोन बन्द किया या पुलिस को बताया तो दुष्यन्त को मार देंगे। घबराया पिता रामेश्वर 2 घंटे तक फोन चालू रख अपहर्ताओं से बेटे की जान की दुहाई मांगता रहा। तीन लाख रुपए लेकर अपहर्ताओं के बताए बैंक खाते में जमा कराने के लिए भटकता रहा। इस दौरान अपहर्ताओं ने पिता-पुत्र के बीच बात भी कराई। दुष्यन्त यही बोलता रहा, पिताजी मुझे इनके चंगुल से बचा लो, ये लोग मार डालेंगे।
तीन साल पहले शादी डेढ़ साल का बच्चा
परिजनों के अनुसार दुष्यंत फ्लाई एश का काम करता था। उसकी 3 साल पहले शादी हुई थी। उसके डेढ़ साल का बच्चा कान्हा भी है। बुधवार शाम करीब 6 बजे वह काम से लौटा था। उसके मोबाइल पर फोन आया तो यह कहकर निकला कि जरूरी काम है, निपटाकर आ रहा है। रात 10.30 बजे पत्नी विनीता से फोन पर कहा कि सुबह ही आ पाएगा। फिर फोन बंद हो गया। उधर पुलिस को फ्लैट से नशे की सामग्री भी मिली है।
बीस हजार निकाले
बैंक में रकम जमा कराते ही महिला स्कार्फ लगाकर लक्ष्मी मंदिर तिराहे के नजदीक एटीएम पर पहुंची। वहां से 10-10 हजार रुपए निकाले।
एक के बाद एक कर बुझे चिराग
दुष्यंत का शव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। छोटे भाई की 6 साल पहले सडक़ दुर्घटना में मौत हो गई थी। एक भाई डेढ़ वर्ष की उम्र में ही मौत का शिकार हो गया था। दुष्यन्त घर में इकलौता बचा था। अब परिवार में दुष्यंत के 2 साल के बेटे को देख लोगों की आंखों में आंसू छलक रहे थे।
मैंने कहा इतने पैसे नहीं हैं तो गालियां देने लगी
पिता रामेश्वर ने बताया, 2 मई को रात 11 बजे तक दुष्यंत घर नहीं लौटा, मोबाइल भी बंद था तो पुलिस को बताया। तब से झोटवाड़ा थाना पुलिस संपर्क में थी। 3 मई को सुबह 10 बजे अपहर्ता महिला ने कहा, बेटे से प्यार है तो 10 लाख रुपए आधे घंटे में जमा कराओ। मैंने कहा कि अभी 3 लाख दे सकता हंू तो वह गालियां देने लगी। फिर फोन चालू रखे रहा और कॉपरेटिव की 3 लाख की एफडी तुड़वाई। फिर वैशालीनगर बैंक में रुपए जमा कराने लगा लेकिन खाते में पैनकार्ड अपडेट नहीं था। झोटवाड़ा बैंक की शाखा में अपडेट कराने भेज दिया। फोन चालू रखे हुए ही घर लौटा लेकिन वहां पैन कार्ड नहीं मिला। बाद में अपहर्ता महिला से पैन कार्ड वाट्सऐप करवाया। फिर झोटवाड़ा बैंक में अपडेट कराकर 3 लाख जमा कराए। महिला ने शेष रुपए आधे घंटे में जमा कराने को कहा, 3 लाख की रसीद वाटसऐप पर मंगवाई और दोपहर 12 बजे फोन बंद कर लिया। इस बीच सुबह 10 बजे फोन आते ही भतीजा झोटवाड़ा थाने पहुंचा।
Published on:
05 May 2018 01:42 pm
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