14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर के गणेशजी की शक्ति अमेरिका इंग्लैंड ने मानी

जयपुर (jaipur) के चांदपोल गेट (chandpol gate) के बाहर परकोटे में प्रकटे गणपति (ganapati) की शक्ति व भक्ति देश के साथ दुनिया (world) में भी पूजी जा रही है। परकोटे वाले गणेशजी (Ganesh ji) महाराज के भक्त जयपुर के साथ अमेरिका (America), इंग्लैंड (England), ऑस्ट्रेलिया (Australia) में भी मौजूद है। करीब 300 साल पुराने ये गणपति परकोटे में प्रकट हुए हैं, जयपुर की स्थापना के समय इनके मंदिर की स्थापना की गई। गणेश चतुर्थी पर यहां देशभर से भक्त आते हैं।

2 min read
Google source verification
जयपुर के गणेशजी की शक्ति अमेरिका इंग्लैंड ने मानी

जयपुर के गणेशजी की शक्ति अमेरिका इंग्लैंड ने मानी

जयपुर के गणेशजी की शक्ति अमेरिका इंग्लैंड ने मानी

परकोटे में प्रकटे गणपति, देश-विदेश तक भक्त

- जयपुर स्थापना के समय से विराजित है परकोटे वाले गणेशजी


जयपुर। जयपुर (jaipur) के चांदपोल गेट (chandpol gate) के बाहर परकोटे में प्रकटे गणपति (ganapati) की शक्ति व भक्ति देश के साथ दुनिया (world) में भी पूजी जा रही है। परकोटे वाले गणेशजी (Ganesh ji) महाराज के भक्त जयपुर के साथ अमेरिका (America), इंग्लैंड (England), ऑस्ट्रेलिया (Australia) में भी मौजूद है। करीब 300 साल पुराने ये गणपति परकोटे में प्रकट हुए हैं, जयपुर की स्थापना के समय इनके मंदिर की स्थापना की गई। गणेश चतुर्थी पर यहां देशभर से भक्त आते हैं।

जयपुर परकोटे के निर्माण के दौरान चांदपोल गेट के बाहर परकोटे में गणेशजी प्रकट हुए। उसी समय गणेशजी की स्थापना की गई और जयपुर के विकास की प्रार्थना की गई। जयपुर स्थापना से लेकर आज भी ये गणपति लोगों के बीच आस्था का केन्द्र बनें हुए हैं। मंदिर महंत कैलाश शर्मा बताते हैं कि करीब 300 साल पुरानी यह मूर्ति आज भी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी कर रही है। परकोटे के निर्माण के दौरान गणेशजी महाराज यहां ही प्रकट हुए है, यह मूर्ति प्राकृतिक और चमत्कारिक मूर्ति हैं, इसे किसी ने स्थापित नहीं किया है। जयपुर के विकास के लिए इनकी पूजा शुरू हुई और धीरे-धीरे गणेशजी की आस्था बढ़ती गई। आज अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया आदि में गणेशजी के भक्त हैं। ये भक्त जब भी जयपुर आते हैं, गणेशजी के दर्शन करने जरूर आते हैं। वहीं इनके चित्र स्वरूप उन्होंने अपने घरों में विराजित कर रखे हैं, जिनकी नियमित पूजा करते हैं। मंदिर के अमित शर्मा ने बताया कि मंदिर में चार बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। गणेश चतुर्थी पर गणेशजी महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाता है, वहीं कार्तिक माह में गणेशजी के छप्पन भोग लगाया जाता है। पौष माह में पौष बड़ा प्रसादी का आयोजन होता हैं। अन्नकूट पर अन्नकूट प्रसादी महोत्सव होता हैं। मंदिर में तीन दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव का आयोजन होगा। इसकी शुरुआत शनिवार को पंचामृत अभिषेक के साथ होगी, इस दिन गणेशजी महाराज को दुर्वा अर्पित की जाएगी। वहीं एक सितंबर को सिंजारा महोत्सव का आयोजन होगा। इस दिन 11000 लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। शाम को 1100 दीपकों से महाआरती होगी। वहीं भक्तों को मेहंदी प्रसाद वितरित किया जाएगा। 2 सितंबर को फूल बंगला और छप्पन भोग झांकी सजाई जाएगी।


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग