
294 साल में 'जैपुर' से यूं बन गया जयपुर
294 साल में 'जैपर' से यूं बन गया जयपुर
— जयपुर का 294वां स्थापना दिवस : समय के साथ करवट लेता जयपुर
जयपुर। विश्वविरासत जयपुर शहर (Jaipur City) 18 नवंबर को अपना 294वां स्थापना दिवस (Jaipur Foundation Day) मना रहा है। जयपुर शहर की स्थापना 1727 में महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय (Sawai Jai Singh II) ने की, समय के साथ शहर करवट भी लेता गया। हेरिटेज की बेजोड़ कलाकृति का जीवंत उदाहरण 'जैपर' विश्व का पहला सुनियोजित शहर है, जिसका पहले नक्शा बनाया गया और बाद में बसावट की गई। 1875 में सवाई रामसिंह ने जयपुर का गुलाबी रंग करवाया। इसके बाद देश—दुनिया में जयपुर गुलाबी शहर के नाम से विख्यात हुआ। जयपुर का सफर यहीं नहीं थमा, आजादी के साथ ही शहर का विस्तार हुआ, जयपुर का परकोटे से बाहर भी विकास होता गया। 5 फरवरी 2020 को जयपुर विश्व धरोहर शहर बना। यूनेस्को महानिदेशक ऑड्रे अजोले ने वल्र्ड हेरिटेज सिटी का प्रमाण पत्र दिया। 23 सितंबर 2020 को जयपुर को भूमिगत मेट्रो की सौगात भी मिल गई। वहीं जयपुर में हेरिटेज नगर निगम और जयपुर ग्रेटर नगर निगम बने। 10 नवंबर 2020 को शहर को दो महापौर मिली। शहर 250 वार्डों में बंट गया। शहर परकोटे से बाहर निकलकर चारोंओर करीब 30 से 50 किलोमीटर के दायरे में फैल गया है।
जयपुर फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष सियाशरण लश्करी ने बताया कि जयपुर एक ऐसा शहर है, जिसे बसाया तो सवाई जयसिंह द्वितीय ने था, लेकिन जयपुर शहर की बसावट की कल्पना 150 साल पहले ही मिर्जा राजा मानसिंह प्रथम ने कर ली थी। नवग्रहों के अनुरूप यहां नौ चौकड़ियां बसाई गई है। अष्टसिद्धि व नौ निधि को साकार करने के लिए दो चौकड़ियों को मिलाकर चौकड़ी सरद बनाई गई।
ज्योतिषाचार्य चन्द्रशेखर शर्मा ने बताया कि जयपुर वास्तुकला की दृष्टि से बसाया गया शहर है। इसका आर्किटेक्चर विद्याधर चक्रवर्ती ने तैयार किया। जयपुर को बसाने वाले सवाई जयसिंह द्वितीय खुद खगोलशास्त्र के बड़े विद्वान रहे। जयपुर को ज्योतिष और संस्कृति की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। यहां का जंतर—मंतर इसका उदाहरण है।
Published on:
18 Nov 2021 03:59 pm
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