
दो साल बाद फिर निकली गणगौर की शाही सवारी..., उमड़ी भीड़
Gangaur Folk Festival Jaipur जयपुर। चैत्र शुक्ल तृतीया पर सोमवार को लोकपर्व गणगौर का उल्लास नजर आया। सुस्थिर व रवि योग के विशेष संयोग बीच लोकपर्व मनाया गया। Gangaur Royal Ride Jaipur City दो साल बाद शहर में जनानी ड्योढ़ी से गणगौर की शाही सवारी निकली। शाही लवाजमे के साथ गणगौर की सवारी के आगे लोक कलाकारों ने राजस्थानी रंगों को साकार किया। त्रिपोलिया गेट से तालकटोरे की पाल तक मेले सा माहौल नजर आया।
दो साल बाद त्रिपोलिया गेट से परंपरागत गणगौर की शाही सवारी राजस्थानी लोक रंग बिखेरते हुए निकली। त्रिपोलिया गेट से जैसे ही सवारी निकली, लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के साथ राजस्थानी छटा को जीवंत किया। राजस्थानी लोक कलाकारों ने कालबेलियाइ, कच्छी घोड़ी, चकरी, गेर जैसे राजस्थानी लोकनृत्य पेश किए तो गुलाबी धरा पर राजस्थानी रंग बिखरते नजर आए। गजराज पचरंगा निशान लिए निकला। बीच-बीच में शहर के प्रमुख बैंड वादक अपनी मधुर स्वर लहरियां बिखरते हुए आगे बढ़े। इस बीच सजे-धजे ऊंट व बैलबाड़ी का लवाजमा निकला। इस नजारे को कैमरे व मोबाइलों में कैद करने की लोगों में होड सी मची। जैसे ही पालकी में विराजित गणगौर माता की शाही सवारी गेट से बाहर निकली तो लोगों में दर्शनों की होड लग गई। लोगों ने माता के न्यौछावर भी लुटाई। पीछे कलश लिए महिलाएं मंगल गीत गाते हुए निकली। गणगौर की शाही सवारी त्रिपोलिया गेट से निकलकर त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, गणगौरी बाजार होते हुए तालकटोरा स्थित पालका बाग पहुंची।
सवारी देखने उमड़ी भीड़
गणगौर की शाही सवारी देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। दो साल बाद स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक भी गणगौर की शाही सवारी देखने पहुंचे। पर्यटन विभाग के निदेशक निशांत जैन ने कहा कि गणगौर जयपुर की पहचान है, स्थानीय प्रशासन व हैरिटेज नगर निगम के सहयोग से सवारी निकली है। विदेशी पर्यटक भी काफी संख्या में देखने पहुंचे है। पर्यटन विभाग की ओर से ऐसे आयोजन आगे भी चलते रहेंगे। हैरिटेज नगर निगम आयुक्त अवधेश मीना का कहना है कि गणगौर की सवारी जयपुर की लोक परंपरा के साथ निकली है। पर्यटन विभाग की ओर से लोक नृत्यों का आयोजन किया गया, वहीं नगर निगम हैरिटेज की ओर से सफाई व रंगोली आदि की व्यवस्थाएं की गई।
Published on:
04 Apr 2022 08:01 pm
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