
जेम स्टोन व जवाहरात की सबसे बड़ी मंडी गोपालजी का रास्ता, दुनियाभर में जा रहे रत्न
जयपुर। राजधानी में रत्नों की सबसे बड़ी मंडी है, जहां सुबह से शाम तक जेम स्टोन व जवाहरात का कारोबार होता है। ज्वैलरी में मामले में यह बाजार विश्वभर में आयात व निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। इसके साथ ही यहां मावे की मंडी है, वहीं कपड़ों का कारोबार भी हो रहा है।
जौहरी बाजार से गोपालजी का रास्ता में प्रवेश करने के साथ ही मावा और पनीर की दुकानें नजर आती है, थोड़ा आगे जाते ही जेम स्टोन, कलर स्टोन के साथ नव रत्नों की खरीददारी करते लोग नजर आते है। व्यापारियों की मानें तो यहां से जेम स्टोन व अन्य स्टोन ज्वैलरी पूरी दुनियाभर में जाते है। यहां फैशन ज्वैलरी की दुकानें भी है। बाजार में 700 से 800 दुकानें जेम स्टोन, कलर स्टोन आदि की है, गोपालजी के रास्ते में करीब एक हजार से ज्यादा जेमस्टोन और ज्वेलरी के ऑफिस व गद्दियां है, जिन पर देश-विदेश से आकर खरीददार माल खरीदते है और बेचते भी है। वहीं 10 से अधिक दुकानें मावे की है। इसके साथ कपड़े के अलावा अन्य वस्तुओं की भी यहां दुकानें है।
बाजार की प्रमुख समस्या
बाजार में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे बाजार में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। वाहन पार्क करने की जगह नहीं होने से सड़क पर दिनभर गाड़ियां खड़ी रहती है।
ड्रेनेज सिस्टम बिल्कुल खराब हो चुका है, चैंबरों से लगातार गंदा पानी बहता रहता है।
सफाई के नाम पर सिर्फ दिखावा, कचरा जगह पड़ा रहता है।
खरीददारी के लिए दुनियाभर से आ रहे लोग
गोपालजी का रास्ता व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश केडिया ने बताया कि जेमस्टोन और ज्वेलरी को लेकर गोपाल जी के रास्ते की विश्व पटल पर एक अपनी अलग ही छवि है, जहां दुनियाभर से लोग खरीददारी के लिए आते है। बाजार विश्वभर में आयात व निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है। जेमस्टोन ज्वैलरी इसी मार्केट से टूरिस्ट के द्वारा बहुतायत खरीदी जाती है। सबसे बड़ी मावे की मंडी भी इसी बाजार में है, लेकिन समस्याओं से व्यापारी आहत है। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस इन समस्याओं पर ध्यान दें। बाजार में साफ—सफाई के साथ पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए।
रत्न आभूषण ने दिलाई पहचान
गोपालजी का रास्ता व्यापार मंडल महामंत्री महेश बैराठी ने बताया कि रत्न आभूषण के नाम पर दुनियाभर में गोपालजी का रास्ता की पहचान है। रत्नों की खरीददारी करने के लिए जयपुर आने वाला व्यापारी गोपालजी का रास्ता में जरूर आता है। बाजार में समस्याओं से व्यापारी दुखी है। हैरिटेज लाइटें लगा दी, लेकिन टूटी पड़ी है। बिजली के पोल नहीं हटाए गए। सड़क टूटी पड़ी है। सफाई के नाम पर कुछ नहीं होता है।
बाजार में लगा रहता है दिनभर जाम
व्यापारी विष्णुदत्त शर्मा का कहना है कि गोपालजी का रास्ता वर्ल्ड हेरिटेज सिटी में शामिल होने के बाद भी यहां समस्याओं की भरमार है। पार्किंग नहीं होने से दिनभर बाजार में जाम रहता है। दुपहिया वाहन बीच रोड में खड़े रहते है। जबकि बाजार में रोजाना पर्यटक आते है, जो शहर की खराब छवि लेकर जाते है।
बाजार में है ऐतिहासिक मंदिर
गोपालजी का रास्ता में प्राचीनतम मंदिर है। इनमें ठाकुर जी जगन्नाथजी का मंदिर, गोपालजी का मंदिर, गंगा माता का मंदिर, विश्व प्रसिद्ध जैन मंदिर, चौथ माता का मंदिर आदि शामिल है। बाजार से होकर कई शोभायात्रा भी निकलती है। सबसे पुरानी हेडे की परिक्रमा भी इसी बाजार से होकर गुजरती है।
Published on:
04 Sept 2023 11:40 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
