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जयपुर: होटल और नाइट क्लबों को लेकर सीएम गहलोत का फरमान, आज से अवहेलना पर लाइसेंस से धोना पड़ेगा हाथ, जानें क्या है माजरा

सीएम ने मीटिंग बुलाकर ली पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की क्लाससख्ती से कार्रवाई करने के दिए निर्देश

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जयपुर

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Savita Vyas

Aug 08, 2023

जयपुर: होटल और नाइट क्लबों को लेकर सीएम गहलोत का फरमान,  आज से अवहेलना पर लाइसेंस से धोना पड़ेगा हाथ, जानें क्या है माजरा

जयपुर: होटल और नाइट क्लबों को लेकर सीएम गहलोत का फरमान, आज से अवहेलना पर लाइसेंस से धोना पड़ेगा हाथ, जानें क्या है माजरा

जयपुर। प्रदेश की गहलोत सरकार शराब की दुकानों के बाद अब होटल और क्लब के समय को लेकर भी सख्त हो गई है। राजधानी जयपुर में आज रात 12 बजे बाद होटल व नाइट क्लब खुले मिले तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि खुद सीएम गहलोत के आदेशों की पालना नहीं हो पा रही है। सोमवार रात को मुख्यमंत्री निवास पर सीएम अशोक गहलोत ने आपातकालीन बैठक बुलाई। इसमें गृह राज्य मंत्री राजेन्द्र यादव, मुख्य सचिव उषा शर्मा व गृह विभाग के सचिव आनंद कुमार सहित आला अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा, डीजीपी लाॅ एण्ड ऑर्डर राजीव कुमार शर्मा, एडीजी लाॅ एण्ड ऑर्डर आनंद श्रीवास्तव, एडीजी क्राइम दिनेश एमएन व जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जाॅर्ज जोसफ भी शामिल हुए।

प्रबंधकों के साथ मालिकों की भी जिम्मेदारी हो तय

सीएम गहलोत ने राज्य में कानून व्यवस्था की समीक्षा की। सीएम ने अधिकारियों की जमकर क्लास ली। शहर में जब उन्होंने कह दिया कि नाइट में क्लब नहीं चलेंगे तो फिर क्यों चल रहे हैं। पुलिस क्या कर रही है। नाइट क्लब इस तरह चलेंगे तो कानून व्यवस्था का पालन कैसे होगा। सीएम गहलोत ने कहा कि निर्धारित समय से अधिक वक्त तक खुलने वाले बार व नाइट क्लबों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएं। इन क्लबों के प्रबंधकों के साथ मालिकों की भी जिम्मेदारी तय की जाएं। अगर कोई नियमों का उल्लघंन करता है तो उसका लाइसेंस निरस्त किया जाए।


मनचलों के खिलाफ होगी बड़ी कार्रवाई
सीएम गहलोत ने कहा कि महिलाओं और कमजोर वर्ग के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारियों को स्पेशल ऑपरेशन चलाकर मनचलों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे मनचलों का रिकाॅर्ड संधारित किया जाए। चरित्र प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ में लिप्त होने का उल्लेख किया जाए। उन्होंने कहा कि आदतन मनचलों पर सरकारी नौकरी से अयोग्य घोषित करने तक की कार्यवाही की जाए।