
Bomb Threat (Image Source: Patrika)
Jaipur Crime: जयपुर। राजस्थान सरकार भले ही स्मार्ट पुलिसिंग और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की बात कर रही हो, लेकिन राजधानी जयपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं। बीते एक महीने में हिंसक और बेखौफ अपराधों की कड़ी ने पुलिस की बेहतर कानून-व्यवस्था के दावों को कमजोर कर दिया है।
सार्वजनिक स्थानों पर लगातार हो रही आपराधिक वारदातों के बावजूद पुलिस वार्षिक आंकड़ों का हवाला देकर क्राइम में कमी का दावा कर रही है।
18-19 जुलाई की रात को गांधी नगर रेलवे स्टेशन के पास वारदात हुई। अज्ञात बाइक सवारों ने एक युवती से मोबाइल फोन छीना, जब कुछ लोगों ने उनका पीछा कर वाहन रोका तो बदमाशों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान स्थानीय दुकानदार फिरोज गोली लगने से घायल हो गया। हमलावर मौके से फरार हो गए।
19 जुलाई को प्रताप नगर निवासी प्रकाश (17) पर बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। प्रकाश के दोस्त की सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर कुछ युवकों से कहासुनी हुई थी। समझौते के नाम पर दूसरे पक्ष ने पार्क में बुलाया और प्रकाश पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में प्रकाश घायल हो गया।
20 जुलाई को जमड़ोली पुलिस स्टेशन क्षेत्र के पालड़ी मीणा में 22 वर्षीय विपिन कुमार को मोहम्मद अनस और उसके गिरोह ने घर से खींचकर बाहर निकाला। अनस, जो एक हिस्ट्रीशीटर है, उसने विपिन को 14 बार चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनस के डर से इलाका पहले से सहमा हुआ था। इस मामले में मुख्य आरोपी अनस को सोमवार को गिरफ्तार किया गया।
21 जुलाई को मानसरोवर में पुलिस स्टेशन के ठीक बाहर एक 35 साल की महिला को निशाना बनाया। महिला अपनी बेटी के साथ स्कूटर पर थी । एक व्यक्ति ने दिनदहाड़े उसकी सोने की चेन छीनी और फरार हो गया। महिला ने शिकायत में बताया कि घटना के समय पास में मौजूद पुलिसकर्मियों ने घटना देखी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। यह घटना पुलिस की निष्क्रियता को दर्शाती है। आरोपी अभी तक पकड़े नहीं गए।
21 जुलाई को ही संजय सर्कल थाना अंतर्गत हाजी कॉलोनी के वाजिद का फरमान उर्फ सद्दीक से कहासुनी हो गई। रविवार देर रात फरमान ने चाकू से वाजिद पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर घायल वाजिद को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 22 जुलाई को उसने दम तोड़ दिया।
प्रदेश में बढ़ते क्राइम के बीच राजस्थान पुलिस क्राइम कम होने के भले ही लाख दावे कर ले, लेकिन ये दावे धरातल पर कितने सच होते हैं। इस बात का अंदाजा एक सप्ताह में अलग-अलग जगहों में हुई वारदातें देखकर पता लगाया जा सकता है।
हालांकि, इस बीच जयपुर पुलिस ने आंकड़ों का सहारा लिया है। पुलिस के अनुसार 2024 की पहली छमाही में 14,868 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में 14% कम होकर 12,839 हो गए। लूट के मामलों में 19% की कमी आई।
Published on:
24 Jul 2025 09:18 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
