23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डेयरी बूथ हुआ अलॉट लेकिन बेरोजगार दो लाख रुपए लाए कहां से, अधिकारियों को बता रहे हैं पीड़ा

डेयरी बूथ की लॉटरी तो निकल गई, लेकिन अब तक कई सफल आवंटियों को मौके पर कब्जा नहीं मिल पाया है। जिनको कब्जा मिल गया, उनमें भी कई ऐसे हैं, जिनके पास डेयरी बूथ शुरू करने के लिए पैसा ही नहीं है।

2 min read
Google source verification
dairy_booth.jpg

Jaipur News : डेयरी बूथ की लॉटरी तो निकल गई, लेकिन अब तक कई सफल आवंटियों को मौके पर कब्जा नहीं मिल पाया है। जिनको कब्जा मिल गया, उनमें भी कई ऐसे हैं, जिनके पास डेयरी बूथ शुरू करने के लिए पैसा ही नहीं है। क्योंकि इन बेरोजगारों को रोजगार शुरू करने के लिए कम से कम दो लाख रुपए चाहिए।

दरअसल, सरस डेयरी पर सिक्योरिटी राशि 50 हजार रुपए ली जा रही है। इसके अलावा विद्युत कनेक्शन के लिए भी 18 से 20 हजार रुपए लग रहे हैं। निगम ने पहले ही 18,700 रुपए जमा करवा लिए। इसके अलावा एक लाख रुपए डेयरी बूथ बनवाने और फाउंडेशन तैयार करवाने में खर्च हो जाएगा। इतना ही नहीं, डीप-फ्रीजर भी खरीदना होगा। ऐसे में डेयरी बूथ चालू करने के लिए दो लाख रुपए से अधिक चाहिए। यही वजह है कि कई सफल आवंटी डेयरी बूथ शुरू नहीं कर पा रहे और अधिकारियों को अपनी पीड़ा बता रहे हैं।


हैरिटेज नगर निगम सीमा क्षेत्र के कई आवंटियों को अब तक डेयरी के लिए जगह नहीं मिल पाई है। ऐसे में यहां आवंटियों को डर सता रहा है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से आवंटन अटक न जाए। ग्रेटर नगर निगम में पिछले साल आवंटन प्रक्रिया पूरी हो गई थी, लेकिन भौतिक कब्जा लेने में लोगों को काफी दिन लग गए थे।

यह भी पढ़ें : बदमाशों के ठिकानों पर जयपुर पुलिस की दबिश, 485 आरोपी गिरफ्तार


मैंने अपने घर के पास डेयरी बूथ का आवेदन किया था। दिव्यांग हूं। लेकिन मेरा बूथ मुरलीपुरा जोन में निकला है। निगम अधिकारियों से जगह बदलने के लिए कहा तो मना कर दिया। मैं रोज भांकरोटा से मुरलीपुरा डेयरी बूथ चलाने कैसे जाऊंगा।
- महेंद्र सिंह, भांकरोटा


तिलक नगर के दयानंद मार्ग पर बूथ आवंटित हुआ है। पहले से ही 200 मीटर के दायरे में दो बूथ संचालित हैं। इनके बीच में मेरा बूथ है। अब तक कब्जा नहीं मिला है। कॉलोनी के लोगों का विरोध है, क्योंकि जिस जगह बूथ आवंटित किया गया है, वह जगह कॉलोनी के लोगों ने विकसित की है।
-पूजा धोबी, दुर्गापुरा