
धनतेरस के साथ ही 5 दिनों तक चलने वाले महापर्व दिवाली का आगाज आज से हो गया है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी के दिन धन और ऐश्वर्य के देवता धनवंतरी की पूजा की जाती है। इस दिन नए बर्तन, सोना-चांदी समेत अन्य सामान को धनतेरस के दिन खरीदना शुभ माना जाता है। हर कोई दिवाली का पर्व अलग-अलग ढंग से मनाता है, कोई इसे खरीददारी कर के मनाता है तो कोई घर को सजाकर लेकिन मनाते सभी है। इसी बीच जयपुर जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल करते हुए मंगलवार को विमंदित बाल गृह, जामडोली, शिशु, बालिका एवं महिला सदन में बुजर्गों के साथ दीपावली मनाई।
जयपुर जिला प्रशासन ने ज्योति पर्व-दीपावली की खुशियों को अनूठे अंदाज में वृद्धाश्रम, विमंदित गृह, शिशु एवं बालिका सदन तथा महिला सदन में अपनों से दूर गुजर बसर कर रहे विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच साझा करने की अनूठी पहल की है। सोमवार को ट्रांसपोर्ट नगर (अमृतपुरी) स्थित अपना घर वृद्धाश्रम कल्याण केन्द्र में निवासरत बुजुर्ग पुरुष एवं महिलाओं के सानिध्य में दीपावली मनाने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम ने दस्तक दी। अपना घर में शाम के समय आयोजित इस कार्यक्रम में दीपों को प्रज्वलित के बाद फुलझड़ी और अनार छुड़ाते हुए दीपवाली की खुशियों को मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के भवन पर विशेष रोशनी की व्यवस्था की गई और वहां रंगोली भी सजाई गई।
मंगलवार को तीन स्थानों पर दीपावली-उत्सव-
जिला कलेक्टर सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि इस बार जिला प्रशासन ने जिले में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित संस्थानों में च्दीपावली-उत्सवच् मनाने का कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार, 17 अक्टूबर को दोपहर बाद 3 से सांय 5 बजे तक जामडोली स्थित राजकीय विमंदित गृह में दीपवाली उत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद सांय 5 बजे से 7 बजे तक गांधीनगर स्थित राजकीय शिशु एवं बालिका सदन प्रताप नगर तथा फिर सांय 7 बजे से 9 बजे तक हल्दीघाटी मार्ग शिकारपुरा स्थित राज्य महिला सदन में दीपावली का उत्सव मनाया जाएगा।
Published on:
17 Oct 2017 12:23 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
