
जयपुर। विश्व विरासत जयपुर शहर आज अपना 293वां स्थापना दिवस मना रहा है। विरासत, हेरिटेज की बेजोड़ कलाकृति जयपुर शहर की स्थापना भले ही 18 नवंबर, 1727 में महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने की, लेकिन हमारा 'जैपर' विश्व का पहला ऐसा शहर है, जिसकी कल्पना बसावट से करीब 150 साल पहले ही कर ली गई।
हालांकि बसावट के बाद भी शहर करवटें बदलता रहा और जैपर... से आज मेट्रो सिटी बन गया। इस बीच जयपुर को विश्व विरासत का दर्जा भी मिला। स्मार्ट सिटी का काम भी धरातल पर उतरने लगा है। समय के साथ जयपुर शहर का नाम भी बदलता रहा। जैपर... यहां का सबसे पहला नाम था, जो बाद में अंग्रेजी मिनिंग के हिसाब से बदलता हुआ जयपुर हो गया।
-करवट बदलते जयपुर की कहानी...
-1727 को हुई जयपुर की स्थापना।
-1872 में शहर के बाजारों में टीनशेड लगवाई।
-1875 में सवाई रामसिंह ने शहर का गुलाबी रंग करवाया। इससे पहले का शहर सफेद रंग था। दरअसल वर्ष 1876 में प्रिंस ऑफ वेल्स (एडवड सप्तम) जयपुर आए थे, इसलिए गुलाबी रंग कराया गया।
-1942 में महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय और तत्कालीन प्राइमिनिस्टर सर मिर्जा इस्माइल ने जयपुर को आधुनिक रूप दिया। आजादी के बाद अतिक्रमण से बरामदे बंद होते गए।
-2000 में ऑपरेशन पिंक के दौरान शहर के बरामदे खाली कराए गए।
-5 फरवरी, 2020 को जयपुर बना विश्व धरोहर शहर। यूनेस्को महानिदेशक ऑड्रे अजोले ने वल्र्ड हेरिटेज सिटी का प्रमाण पत्र दिया।
-23 सितंबर, 2020 से अब चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक भूमिगत मेट्रो दौड़ रही है।
-10 नवंबर, 2020 को शहर को पहली बार दो महापौर मिले। हेरिटेज नगर निगम की मुनेश गुर्जर महापौर चुनी गईं, वहीं जयपुर ग्रेटर की सौम्या गुर्जर महापौर बनीं।
Published on:
18 Nov 2020 12:34 pm

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
