
जयपुर. इंदौर नगर निगम की तर्ज पर अब ग्रेटर नगर निगम भी ग्रीन बॉन्ड लेकर आ रहा है। इसके तहत देहलावास एसटीपी पर शहरवासी निवेश कर सकेंगे। निवेश के हिसाब से निवेशकों को इस प्रोजेक्ट में भागीदार बनाया जाएगा।
दरअसल, इंदौर नगर निगम ने इस वर्ष 244 करोड़ रुपए का ग्रीन बॉन्ड जारी किया था। बाजार से निगम को 300 करोड़ रुपए मिल गए। इसी तर्ज पर ग्रेटर नगर निगम ने भी काम शुरू किया है। निगम की साधारण सभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद इसकी कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसमें बॉन्ड की राशि तय होगी और एक व्यक्ति कितने बॉन्ड खरीद सकेगा, यह भी तय होगा। ग्रेटर नगर निगम का दावा है कि ग्रीन बॉन्ड के मामले में इंदौर के बाद जयपुर दूसरा और एसटीपी मामले में देश में पहला शहर होगा।
कैसे मिलेगा फायदा
- देहलावास में तीन एसटीपी पर 272 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत सीवरेज को ट्रीट करने के बाद री-यूज, बॉयो गैस और सोलर प्लांट के माध्यम से विद्युत उत्पादन किया जाएगा। इससे जो आय होगी उसे निवेशकों में बांटा जाएगा।
- इन एसटीपी पर 23000 नॉर्मल क्यूबिक मीटर बायोगैस का प्रतिदिन उत्पादन होगा। इसमें से 6500 नॉर्मल क्यूबिक मीटर गैस एक कम्पनी को दी जाएगी और शेष गैस से विद्युत उत्पादन किया जाएगा।
पर्यावरण योजना के लिए ग्रीन बॉन्ड बना
- केंद्र सरकार ने ग्रीन बॉन्ड पर्यावरण फ्रेंडली योजना बनाई है। इस योजना के लिए ग्रीन बॉन्ड के जरिए पैसा एकत्रित किया जाता है। सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए इन पैसों का इस्तेमाल करती है।
क्या है ग्रीन बॉन्ड
ग्रीन बॉन्ड एक तरह निवेश है। इसमें निवेशकों को स्थायी ब्याज दिया जाएगा। इसमें जो पैसा आएगा, उसका उपयोग कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली योजनाओं में खर्च किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट पर भी जोर
ई-व्हीकल चार्जिंग प्वॉइंट को लेकर भी निगम गंभीरता से काम कर रहा है। निगम ये चार्जिंग प्वॉइंट जोन कार्यालयों से लेकर पार्किंग स्थल और पार्क के बाहर जगह चिन्हित करके लगाएगा।
ये जारी कर सकते हैं ग्रीन बॉन्ड
बैंक और वित्तीय संस्थान
निजी कंपनियां
केंद्र और राज्य सरकार
नगर निगम
Published on:
24 May 2023 09:33 pm
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