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हवेलियां ही नहीं रहेंगी तो फिर पर्यटक क्या देखेंगे!

गुलाबी नगरी में आने वाले पर्यटकों के लिए प्राचीन हवेलियां उनके लिए सबसे बड़ा आकर्षण है। हम देखते हैं कि विदेशी पर्यटक महल और किले देखने के बाद रिक्शा में बैठ कर सकरी गलियों में केवल हवेलियों को देख बहुत खुश होते हैं। शहर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था भी उनको हवेलियां देखने से नहीं रोक सकती।

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हवेलियां ही नहीं रहेंगी तो फिर पर्यटक क्या देखेंगे!

हवेलियां ही नहीं रहेंगी तो फिर पर्यटक क्या देखेंगे!

जयपुर. गुलाबी नगरी में आने वाले पर्यटकों के लिए प्राचीन हवेलियां उनके लिए सबसे बड़ा आकर्षण है। हम देखते हैं कि विदेशी पर्यटक महल और किले देखने के बाद रिक्शा में बैठ कर सकरी गलियों में केवल हवेलियों को देख बहुत खुश होते हैं। शहर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था भी उनको हवेलियां देखने से नहीं रोक सकती। उनका खास जुनून रहता है कि वह इस गुलाबी नगर की हवेलियों को अपने कैमरे में कैद करें। भीड़ और धक्कम पेली में भी पर्यटक की निगाह खूबसूरत हवेलियों पर ही रहती है। हवेलियों के गोखे, कमानीदार छज्जे, खिड़कियां, ड्योड़ी और चबूतरों को देखकर खुश होते हैं। अब हवेलियों पर शामत आई हुई है नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिलकर चांदी काट रहे हैं।

हवामहल जोन के वार्ड 28 में भी धरोहर से छेड़छाड़ की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। मुंशीदास की रास्ता में तो हवेलियों को तोडकऱ नए निर्माण हो रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार को यह नहीं दिखाई दे रहा है।

बदल दिया स्वरूप

-सुभाष चौक के आस-पास तो निर्माणों को स्वरूप ही बदल गया है। पिछले 10 वर्षों में यहां 20 से अधिक नए निर्माण हो गए। ये सभी निर्माण अवैध हैं। क्योंकि किसी ने भी निर्माण कार्य के दौरान बिल्डिंग बायलॉज की पालना नहीं की।

-नया आमेर रोड, परकोटे के सहारे और मोती कटला बाजार में लोगों ने सडक़ सीमा में छज्जे निकाल रखे हैं। कई लोगों ने तो छज्जे पर दीवार बनाकर कमरे व अन्य निर्माण कर लिए हैं।

हाल ही हुए निर्माण

मुंशी रामदास का रास्ता: 06

नया आमेर रोड: 04

चार दरवाजे के आस-पास: 05

मोती कटला बाजार: 05

ये जिम्मेदार

-दिलीप शर्मा, हवामहल-आदर्श नगर जोन

-नीलकमल मीणा, उपायुक्त सतर्कता शाखा

ये रहे पार्षद

वर्ष 2009 से 2014: लता भार्गव

2014 से 2019: कुसुम कंवर

2020 से अब तब: सना वसीम खान

इधर भी देख लो जिम्मेदारो

-मिश्र राव जी का रास्ता के तीसरे चौराहे पर नया निर्माण चल रहा है। दिन में काम बंद रहता है और रात को निर्माण कार्य चल रहा है। यहां पहले हवेली हुआ करती थी। उसे ध्वस्त कर दिया और नया निर्माण कार्य चल रहा है।

-सौंखियों का रास्ता स्थित 232 ए मकान की चौथी और पांचवी मंजिल 30 दिसम्बर को सील की थी, लेकिन मकान मालिक ने अपने स्तर पर ही दोनों सील खोल ली। शिकायतकर्ता लगातार निगम में शिकायत कर रहे हैं, लेकिन निगम की टीम देखने भी नहीं आई। जबकि, मकान में व्यवसायिक गतिविधि भी की जा रही है।