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सरकार ने 400 करोड़ खर्च कर ‘चमकाया’ अब अडानी समूह काटेगा/कूटेगा ‘चांदी’

जयपुर एयरपोर्ट ग्राउंड रिपोर्ट : 50 वर्ष के लिए समूह के हाथ में कमान, यात्रियों की जेब पर पड़ेगा भारी, 10 अक्टूर की रात बारह बजे अपना जयपुर एयरपोर्ट हो गया ‘पराया’
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जयपुर

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Sanjay Kaushik

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Updated: 23 Oct 2021, 3:24 PM IST

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संजय कौशिक / जयपुर. जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन और विकास की अहम जिम्मेदारी 50 साल के लिए अडानी समूह को सौंपी गई है, लेकिन सुपुर्दगी से पहले एयरपोर्ट के विकास पर बड़ी धनराशि खर्च करने से सरकार की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। पीपीपी मोड पर समूह के हाथ में आने वाला यह सातवां एयरपोर्ट है। अन्य जगह समूह को बड़े स्तर पर सुविधाएं विकसित करने की जरूरत है, लेकिन यहां तो मानो उसके सामने थाली ही परोस दी गई है। दरअसल एयरपोर्ट की चाबी सौंपने से पहले यहां सुविधाएं विकसित करने में सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी।

एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं में वृद्धि के लिए सरकार ने यहां महज पांच वर्ष में करीब 400 करोड़ रुपए की राशि खर्च की है। साफ है कि सुसज्जित और सुविधाओं से परिपूर्ण एयरपोर्ट मिलने से समूह का फोकस खर्च करने के बजाय कमाई पर रहेगा और भार यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। तमाम सुविधाएं भी अब महंगी होना तय है।

सरकार के ‘जतन’

-दिल्ली की माफिक यहां भी डोमेस्टिक न इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए अलग-अलग टर्मिनल बन चुके हैं। उनमें भी डिपार्चर व अराइवल के भी अलग-अलग इमारत बनाई गई है।

-नए टैक्सी ट्रैक भी बनाए गए। जिससे एयरपोर्ट पर फ्लाइट पार्किंग की सुविधा तक हो गई है और एक समय में एक से अधिक उडान की आवाजाही भी संभव हो सकी है।

-दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट लगाई जाने वाली क्षमता की रडार भी स्थापित की गई है।

-यहां यात्रीभार और कमाई भी अन्य एयरपोर्ट के मुकाबले ज्यादा है।

-फिलहाल घरेलू यात्री से 465 व अंतर राष्ट्रीय यात्री से 1005 रुपए यूजर डवलपमेंट फीस (यूडीएफ) वसूला जाता है।

एयरपोर्ट से कमाई के दो जरिए

-एरोनॉटिकल सर्विस : हवाई जहाज कंपनियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बदले में एयरपोर्ट चार्ज लेते हैं। जैसे जहाज में फ्यूल भरने, कार्गो सर्विस, बैगेज हैंडलिंग और ग्राउंड सर्विस के लिए एयरलाइंस से चार्ज किया जाता है, एयरलाइंस यही पैसा यात्रियों से वसूलती हैं।

-कमर्शियल एक्टिविटीज : एयरपोर्ट पर होने वाली कमर्शियल एक्टिविटीज भी आय का साधन हैं। जैसे शो-रूम-दुकानों का किराया और विज्ञापन आदि से भी एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनी को सीधी आमदनी होती है।

प्रदेश का पहला हैरिटेज एयरपोर्ट तैयार

-यहां 11350 वर्ग मीटर में फैले टर्मिनल संख्या एक को रिनोवेशन के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर हैरिटेज लुक दिया गया है। अभी इसका उद्घाटन भी नहीं हुआ है। यहां से केवल अंतरराष्ट्रीय उडानों का ही संचालन होगा। ऐसे में राजस्थानी विरासत वाला यह टर्मिनल विदेशी यात्रियों को काफी लुभाएगा।

नए टर्मिनल पर सुविधाएं

-विदेश आने-जाने वाले यात्रियों के लिए छह इमिग्रेशन काउंटर, 14 चैक इन काउंटर।

-वेटिंग एरिया में यात्रियों के लिए बड़ा स्पेस, पर्यटन सीजन में भी दिक्कत नहीं।

-ड्यूटी फ्र ी शॉप, फूड कोर्ट, रेस्त्रां, कैफेटेरिया की भी सुविधा। प्रशासनिक भवन भी बनाए।

-वेटिंग एरिया,प्रसाधन व पार्किंग की सुविधा भी विकसित।

--एयरपोर्ट पर कार्गो कॉम्प्लेक्स की क्षमता भी दोगुना तक बढ़ गई है।

नया डिपार्चर-अराइवल हॉल

एयरपोर्ट परिसर के टर्मिनल दो पर गत वर्ष प्रस्थान व आगमन कक्ष की सौगात दी गई। लगातार विमानों की आवाजाही व डायवर्जन के दौरान एयरपोर्ट पर काफी दिक्कत होती थी।

-वेटिंग एरिया, चैक इन काउंटर, वॉशरूम, एस्केलेटर, लिफ्ट और प्रसाधन भी बढ़ाए गए।
-ऐसे में अब लंबे समय तक विस्तार की जरूरत नहीं रहेगी।

जयपुर एयरपोर्ट की मौजूदा स्थिति

-टर्मिनल 02

-उड़ानों की संख्या 46

-यात्रीभार 10,000

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