
जयपुर शहर की बेहतर प्लानिंग... अफसरों ने देखा प्रोजेक्ट
Jaipur JDA Jaipur city planning जयपुर। जयपुर सिटी की प्लानिंग व आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए 3 डी सिटी सॉल्शून्स फॉर जयपुर सिटी प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। 3D City Solutions for Jaipur City Project इस प्रोजेक्ट की शनिवार को जेडीए में सूचना एवं प्रौद्योगिक एवं संचार विभाग ने जेडीए अधिकारियों को प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी।
सूचना एवं प्रौद्योगिक एवं संचार विभाग की टीम ने बताया कि जयपुर सिटी की प्लानिंग व आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए इस ज्योग्राफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित 3डी मॉडल प्रोजेक्ट को तैयार किया गया है। इसे बनाने का मूल उद्देश्य विभिन्न विभागों को संपूर्ण 3डी जीआईएस पर्यावरण में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास, परिवहन योजना, भू-कर और भूमि नियोजन, नगर नियोजन, मॉडलिंग और प्रभावी आकलन बनाने, कल्पना करने, अनुकरण करने, योजना बनाने और उसे निष्पादित करने में सक्षम बनाना है।
जेडीए आयुक्त गौरव गोयल ने कहा कि जेडीए के उपयोग में लाने के लिए रेवन्यू मैप व मास्टर विकास योजना-2025 को प्रोजेक्ट के साथ एकीकृत करना होगा। इसके बाद ही जेडीए की ओर से इस प्रोजेक्ट को उपयोग में लिया जा सकेगा। इसके लिए जेडीए की ओर से डिजीटल मास्टर विकास योजना-2025 सूचना एवं प्रौद्योगिक एवं संचार विभाग, जयपुर की टीम को उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
जेडीसी ने कहा कि नवीनतम डाटा की उपयोगिता अधिक है, जिससे पीटी सर्वे, साईट रिपोर्ट, भौतिक सत्यापन एवं मौके की प्लानिंग इत्यादि में सुविधा होगी। इस प्रोजेक्ट में अपडेटेशन जरूरी है। साथ ही रेवन्यू मैप एवं मास्टर विकास योजना-2025 को प्रोजेक्ट में एकीकृत करने के साथ-साथ खसराओं की सुपर इम्पोजिंग भी जरूरी है। इस पर भी कार्य किया जाए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
जेडीए आयुक्त गौरव गोयल के अलावा जेडीए सचिव उज्जवल राठौड, निदेशक आयोजना विनय कुमार दलेला, निदेशक अभियांत्रिकी प्रथम एवं द्वितीय देवेंद्र गुप्ता व अजय गर्ग, अतिरिक्त आयुक्त प्रशासन जुगल किशोर मीना, अतिरिक्त आयुक्त पीआरएन विनिता सिंह, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक, अधीक्षण अभियंता एवं उप नगर नियोजक उपस्थित रहे।
जयपुर शहर की बेहतर प्लानिंग संभव
टीम ने बताया कि उपग्रह-आधारित नेविगेशन प्रणाली ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) या फिर गूगल मैप्स के विपरीत इस प्रोजेक्ट में उपलब्ध डाटा अधिक सटीक है, जिसके उपयोग से जयपुर शहर की बेहतर प्लानिंग संभव है। इसकी सटिकता 10 सेमी तक की है एवं इस प्रोजेक्ट के तहत अत्यधिक संख्या में ग्राउंड कंट्रोल पॉइंट्स हैं और इसी आधार पर मैपिंग की गई है। प्रेजेटेंशन के दौरान बताया गया कि यह प्रोजेक्ट मास्टर विकास योजना-2025 के लगभग 3000 किमी क्षेत्रफल को कवर करता है।
Published on:
19 Feb 2022 04:49 pm
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