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20 साल बाद शहर के नजदीक वेस्ट-वे हाईट्स योजना की ‘राह आसान’

जेडीए की कार्यकारी समिति (Executive committee meeting) की सोमवार को बैठक हुई, इसमें वेस्ट-वे हाईट्स योजना (West-Way Heights Scheme) सहित कई अन्य प्रस्ताओं पर चर्चा हुई। शहर के नजदीक अजमेर रोड पर 121 हेक्टेयर की वेस्ट-वे हाईट्स योजना में करीब 20 साल बाद विकास की राह आसान होती नजर आ रही है। काश्तकारों की ओर से दिए गए प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है, वहीं विकास कार्य के लिए समिति का गठन करने का निर्णय लिया।

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20 साल बाद शहर के नजदीक वेस्ट-वे हाईट्स योजना की 'राह आसान'

20 साल बाद शहर के नजदीक वेस्ट-वे हाईट्स योजना की 'राह आसान'

20 साल बाद शहर के नजदीक वेस्ट-वे हाईट्स योजना की 'राह आसान'

— वेस्ट-वे हाईट्स योजना के काश्तकारों के प्रस्तावों को मंजूरी
— जेडीए की कार्यकारी समिति की बैठक में निर्णय
— योजना में विकास कार्य के लिए बनाएंगे समिति
— 800 करोड़ रुपए की जेडीए को इस योजना से होगी आय

जयपुर। जेडीए की कार्यकारी समिति (Executive committee meeting) की सोमवार को बैठक हुई, इसमें वेस्ट-वे हाईट्स योजना (West-Way Heights Scheme) सहित कई अन्य प्रस्ताओं पर चर्चा हुई। शहर के नजदीक अजमेर रोड पर करीब 121 हेक्टेयर की वेस्ट-वे हाईट्स योजना में करीब 20 साल बाद विकास की राह आसान होती नजर आ रही है। जेडीए ने बैठक में काश्तकारों की ओर से दिए गए प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है, वहीं इस योजना में विकास कार्य करवाने के लिए एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया।

जेडीए आयुक्त गौरव गोयल ने बताया कि वेस्ट-वे हाईट्स योजना की सभी बाधाओं को दूर करते हुए शीघ्र विकास करने के लिए कार्यकारी समिति की बैठक में काश्तकारों की ओर से दिये गये प्रस्तावों को मंजूरी दी गई हैं। योजना में पार्क, बिजली, सीवर, सड़क एवं स्ट्रीट लाईट आदि मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए जेडीए सचिव को एक समिति गठित करने के निर्देश दिए, साथ ही निदेशक अभियांत्रिकी द्वीतीय को उक्त योजना में संपूर्ण विकास कार्य करवाने के लिए कहा है।

2002 से विवादों में रही योजना, अब सुलह
शहर की प्राइम लोकेशन अजमेर रोड पर करीब 121 हेक्टेयर की वेस्ट-वे हाईट्स योजना का विकास करवाया जाएगा। इस योजना के लिए वर्ष 1988 में प्रथम चरण में भूमि अवाप्त की गई थी, इसके बाद 2002 में दूसरे चरण में भूमि अवाप्त की गई। योजना से प्रभावित किसानों ने मुआवजे को लेकर कोर्ट में 25 याचिकाएं लगाई है, जिसमें से 11 याचिकाओं में सहमति बन रही है। प्रभावित किसानों को 25 फीसदी मुआवजा देने पर सहमति बनी है। इस योजना में कॉमर्शियल सहित अन्य भूखंड सृजित किए जाएंगे, जिससे जेडीए को करीब 800 करोड़ रुपए की आय होगी। इससे शहर का विकास होगा।

बैठक में ये भी लिए निर्णय
— सेक्टर व्यावसायिक भू-पट्टी के प्रकरणों में जविप्रा अधिनियम 1982 की धारा 44, 90 क एवं एकल पट्टा आदि कार्रवाई में समरूरता लाने के लिए नीति निर्धारण, नवीन एसओपी, चैकलिस्ट और परिपत्र जारी किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
— स्मार्ट सिटी फेज-1, 2, 3 के तहत जयपुर शहर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित स्मार्ट सोल्यूशन्स उपकरणों के संचालन व रखरखाव के लिए निविदा प्रपत्र का अनुमोदन किया गया।
— पर्यटक सुविधा केंद्र चौडा रास्ता के संचालन के लिए अनुबंधित फर्म को कोविड-19 और पर्यटकों की कमी के चलते अनुबंधित फर्म को बकाया राशि जमा कराने में सशर्त शिथिलता प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
— रमल्यावाला डेयरी योजना के एक भूखण्ड के नियमितिकरण करने का प्रकरण राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया।