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अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से 5 साल में बना मंदिर, पढ़ने को मिलेंगे वेद—पुराण और भागवत

Jhulelal temple Jawahar Nagar: अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर राजधानी में भी बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से भव्य मंदिर बनाया गया है। करीब 5 साल में बने इस मंदिर में जल में झूलेलाल के साथ शिव—पार्वती, राम दरबार, राधा—कृष्ण सहित अन्य देवी—देवताओं के दर्शन हेांगे।

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अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से 5 साल में बना मंदिर, पढ़ने को मिलेंगे वेद—पुराण और भागवत

अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से 5 साल में बना मंदिर, पढ़ने को मिलेंगे वेद—पुराण और भागवत

जयपुर। अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर राजधानी में भी बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से भव्य मंदिर बनाया गया है। जवाहर नगर के सेक्टर 5 में करीब 5 साल में बने इस मंदिर में जल में झूलेलाल के साथ शिव—पार्वती, राम दरबार, राधा—कृष्ण सहित अन्य देवी—देवताओं के दर्शन हेांगे। वहीं मंदिर में लोगों को ऋग्वेद सहित चारों वेदों के साथ भागवत कथा, गीता—पुराण व अन्य धार्मिक ग्रंथ भी पढ़ने को मिलेंगे। यहां राजधानी का दूसरा नवग्रह मंदिर भी होगा।

पूज्य सिंधी पंचायत सेक्टर पांच के मुख्य संरक्षक महेश कलवानी ने बताया कि मंदिर का निर्माण साल 2018 में शुरू हुआ। बच्चे—बुजुर्ग के साथ महिलाओं ने भी कारसेवा कर पांच साल में मंदिर को मूर्त रूप दिया। मंदिर निर्माण बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से किया गया। करीब 20 हजार स्क्वायर फीट में मंदिर तैयार हुआ। इसमें मुख्य मंदिर के साथ धार्मिक लाइब्रेरी, सत्संग हॉल भी बनाया गया है। मंदिर अध्यक्ष मनोहर लाल राजानी ने बताया कि मंदिर में धार्मिक लाइब्रेरी होगी, जिसमें चारों वेदों के साथ महाभारत, रामायण, वाल्मीकि रामयण, हरिवंश पुराण, देवी भागवत, शिव पुराण, प्रेमप्रकाश ग्रंथ सहित कई धार्मिक पुस्तकें लोगों को पढ़ने को मिलेगी।

जल में अंदर झूलेलाल
महासचिव मोहन तलरेजा ने बताया कि मंदिर में नवग्रह का मंदिर होगा, जो राजधानी में दूसरा मंदिर होगा। वहीं जल में अंदर झूलेलाल की करीब सवा पांच फीट उंची प्रतिमा होगी। इसके अलावा शिव—पार्वती, राम दरबार, राधा—कृष्ण, खाटूश्यामजी, दक्षिणमुखी बालाजी के दर्शन लोग कर सकेंगे।

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मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा 21 मई को
मुख्य संरक्षण महेश कलवानी ने बताया कि मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव चल रही है। महोत्सव की शुरुआत 15 मई को कलश यात्रा के साथ हुई। 16 मई को सुंदरकांड पाठ हुए। 17 मई को श्री श्याम बाबा की भजन संध्या हुई। वहीं गुरुवार को भक्ति सत्संग हुआ। महोत्सव में 21 मई को संतों का आगमन, ध्वज पूजा, मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस दिन महाआरती व भंडारा प्रसादी होगी।