
डोल का बाढ़ समिति के लोग (फोटो- पत्रिका)
जयपुर: सरकार एक ओर पौधे लगाने का प्रचार-प्रसार करती है। वहीं, दूसरी ओर सांगानेर स्थित डोल का बाढ़ जंगल के मामले में सरकार खुद पेड़ों को काटने और वन्य जीवों का बसेरा उजाड़ने का काम कर रही है। यह कहना है, डोल का बाढ़ वन बचाओ संघर्ष समिति का।
बता दें कि बापू नगर स्थित विनोबा ज्ञान मंदिर में रीको प्रशासन पर पेड़ों की अवैध कटाई के आरोप लगे हैं। समिति के शौर्य गोयल ने कहा कि यह आंदोलन पेड़ बचाने का नहीं है, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास है। पक्षी और पर्यावरण प्रेमी कोमल श्रीवास्तव ने कहा, हमने इस वन में पक्षियों को सूचीबद्ध किया है। समिति की रेखा शर्मा ने कहा कि कुंज क्षेत्र में पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई जाए।
समिति ने कहा कि हमने इस मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, उद्योग मंत्री और मुख्य सचिव समेत अन्य को यह प्रस्ताव कई बार दिया है। लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो जनप्रतिनिधि पिछली सरकार में इस वन क्षेत्र को बचाने के लिए पत्र लिख रहे थे, वे ही अब सरकार आने के बाद पलट गए हैं। पुलिस भी दुर्व्यवहार करती है। यह जमीन रीको के स्वामित्व की है। यहां पीएम यूनिटी मॉल समेत अन्य निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस विवाद में रीको को कोर्ट से राहत भी मिल चुकी है। उधर, स्वेज फार्म सर्कल से फिनटेक पार्क तक पार्षद करण शर्मा के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली गई।
समिति ने सरकार के समक्ष जंगल को बरकरार रखने के साथ ही वैकल्पिक विकास योजना पेश की है। आशुतोष रांका ने बताया, यह योजना वास्तुकार, पर्यावरणविद और पारिस्थितिकी विशेषज्ञों समेत अन्य पेशेवरों की मदद से तैयार की गई है। इसमें बताया कि सरकार यहां ईको बायोडायवर्सिटी और क्लाइमेट चेंज अवेयरनेस पार्क, म्यूजियम और नर्सरी समेत कई गतिविधियां आयोजित कर सकती हैं।
सेवानिवृत्त डीएफओ देवेंद्र भारद्वाज ने बताया कि इस क्षेत्र में हमारी वृक्ष गणना टीम ने पीएम यूनिटी मॉल की जमीन पर 203 पेड़ों की पहचान की है। इनमें से 14 पेड़ खेजड़ी के हैं। सभी पेड़ों को जियो-टैग किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा रीको के उस दावे के बिल्कुल उलट है, जिसमें कहा था कि वहां सिर्फ 38 पेड़ हैं।
Updated on:
22 May 2025 10:23 am
Published on:
22 May 2025 10:23 am
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