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जयपुर में घूस लेते महिला एसीटीओ गिरफ्तार…धौलपुर में घूस वापस करते एसडीएम पकड़ा

जयपुर(Jaipur) में एसीटीओ(ACTO) अनुसुइया, एएओ(AAO)कमलचंद व दलाल रवि पारीक को 1.15 लाख की रिश्वत(Bribe) लेते पकड़ा(Trapped), धौलपुर(Dholpur) एसडीएम(SDM) भंवरलाल कांसोटिया घूस की रकम लौटाते(Returning Bribe Amount) समय गिरफ्तार(Arrested), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(ACB) की कार्रवाई।
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एसीटीओ अनुसुइया कुमारी और एसडीएम भंवरलाल कांसोटिया

एसीटीओ अनुसुइया कुमारी और एसडीएम भंवरलाल कांसोटिया

-एसीटीओ अनुसुइया, एएओ व दलाल को 1.15 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा


जयपुर/धौलपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार शाम को बड़ी कार्रवाई करते हुए झालाना स्थित संभागीय कर भवन में जीएसटी विंग की एसीटीओ अनुसुइया कुमारी और दलाल रवि पारीक को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ एक पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने एसीबी को शिकायत की थी, जिसमें वैट रिफंड के बदले 20 प्रतिशत का कमीशन मांगने की बात थी। घूस के लेन-देन में भूमिका के चलते सहायक लेखाधिकारी को भी गिरफ्तार किया गया।

-जीएसटी शाखा...आठ लाख की रिफंड राशि

एएसपी नरोत्तम वर्मा ने बताया कि अनुसुइया कुमारी संभागीय कर भवन में उपायुक्त है। जीएसटी शाखा देखती है। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार का तीन साल पहले की वैट राशि का रिफंड करीब आठ लाख रुपए बनता था। जिसको लौटाने के बदले 20 फीसदी कमीशन मांग रही थी, जो एक लाख 60 हजार रुपए बनता है, लेकिन पीडि़त ने रुपए ज्यादा होने की बात कही तो 15 प्रतिशत पर सौदा तय हो गया, जो एक लाख 20 हजार रुपए बनता है। पीडि़त ने एक लाख 15 हजार रुपए देना तय किया।

-रिटायर्ड कर्मचारी कर रहा था दलाली

परिवादी की शिकायत के बाद एसीबी की ओर से बिछाए गए जाल में जब परिवादी ने एसीटीओ के कार्मिक शाखा में रिटायर्ड कर्मचारी को रुपए दिए तब एसीबी ने दलाल पारीक को दबोच लिया। इससे पहले रुपए को लेकर पकड़े गए दलाल पारीक ने एसीटीओ के लिए रुपए लेने की बात कबूली है। एसीबी ने मानसरोवर स्थित एसीटीओ के घर पर भी तलाशी ली। उल्लेखनीय है कि दलाल पारीक चार महीने पहले ही इसी शाखा से लेखाकार के पद से सेवानिवृत्त हो चुका है।

-ब्रांच बदलने के बाद भी तय कराई रकम...पकड़ा गया

एसीबी ने सहायक लेखाधिकारी कमलचंद को भी पकड़ा है। कमलचंद ने परिवादी से जब 20 प्रतिशत पर सौदा तय हुआ था तो उसको सैटल कराने में भूमिका निभाते हुए 15 प्रतिशत कराया था। जबकि उसकी ब्रांच कुछ दिनों पहले ही बदल दी गई थी। एसीबी कार्रवाई की भनक लगते ही कमलचंद दफ्तर से भाग गया था। आला अधिकारियों से बात कर एसीबी अधिकारियों ने कमलचंद को बुलवाया और गिरफ्तार किया।

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-धौलपुर एसडीएम घूस की रकम लौटाते समय गिरफ्तार

रिश्वत लेते अफसरों को रंगेहाथों गिरफ्तार होने के मामले तो आए दिन सामने आते रहते हैं, लेकिन धौलपुर एसडीएम ऐसे समय दबोचे गए, जब वे रिश्वत की राशि शिकायतकर्ता को लौटा रहे थे। धौलपुर के एसडीएम को शुक्रवार को उनके की घर पर दस हजार की रिश्वत राशि शिकायतकर्ता को लौटाते हुए गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए एसडीएम भंवरलाल कांसोटिया का गुरुवार रात ही भरतपुर जिले के भुसावर उपखंड में तबादला हुआ है। ट्रेप के समय एसडीएम नशे में नॉनवेज खा रहा था। पूछताछ के दौरान भी उसकी जुबान लडख़ड़ा रही थी। एसडीएम ने एक राजस्व केस में शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला देने के लिए रिश्वत ली थी।

-पिता से ली घूस...बेटी के हक में फैसला

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भैंरूलाल मीणा ने बताया कि शिकायतकर्ता धौलपुर के कायस्थ पाड़ा निवासी भगतसिंह सरदार ने 30 जुलाई को परिवाद दिया। भगतसिंह का अपनी पुत्री मनप्रीत कौर के खिलाफ चार बीघा पुश्तैनी जमीन में हिस्सा देने का मुकदमा एसडीएम की राजस्व अदालत में चल रहा है। चूंकि भूमि पुश्तैनी थी, इसलिए उसने वाद को खारिज करने की प्रार्थना की थी। एसडीएम ने इसके लिए 50 हजार की घूस मांगी थी, जिसकी दस हजार रुपए की किस्त भगतसिंह ने 26 जुलाई को दी थी। उसी दिन शाम को एसडीएम ने पुत्री के पक्ष में फैसला दे दिया तो भगतसिंह ने रिश्वत राशि वापस मांगी। एसडीएम ने उसे एक अगस्त को राशि लौटाने का आश्वासन दिया। बाद में उसने तारीख दो अगस्त कर दी। इस बीच भगतसिंह ने एसीबी को शिकायत कर दी। शुक्रवार शाम करीब सात बजे उसने भगतसिंह को अपने निवास पर बुलाया और दस हजार रुपए लौटाए तो एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया।