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जयपुर के परकोटे के लिए सरकार का मास्टरप्लान

जयपुर की वॉल सिटी(Jaipur WallCity )के वर्ल्ड हेरिटेज सिटी (World Heritage Site)में शामिल होने के बाद अब शहर के लिए ऩई उम्मीदें जगी हैं। सरकार भी अब परकोटे के लिए कुछ खास करने जा रही है। जयपुर के परकोटे ने चूंकि पूरी दुनिया में अपनी खास छाप छोड़ी है इसलिए सरकार अब इसके लिए कुछ नया प्लान कर रही है।

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जयपुर

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Neeru Yadav

Jul 25, 2019

jaipur wall city

परकोटे के लिए सरकार का मास्टरप्लान

जयपुर की वॉल सिटी (Jaipur WallCity) के वर्ल्ड हेरिटेज सिटी (World Heritage City)में शामिल होने के बाद अब शहर के लिए ऩई उम्मीदें जगी हैं। सरकार भी अब परकोटे के लिए कुछ खास करने जा रही है। जयपुर के परकोटे ने चूंकि पूरी दुनिया में अपनी खास छाप छोड़ी है इसलिए सरकार अब इसके लिए कुछ नया प्लान कर रही है।
कुछ दिनों पहले ही बाकू में हुए एक सम्मेलन में यूनेस्को (UNESCO)ने जयपुर के परकोटे यानि वॉल सिटी को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी में शामिल किया है। इसको लेकर अब स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal)ने विधानसभा में परकोटे के लिए स्पेशल एरिया मास्टर प्लान बनाने की बात कही है। इस स्पेशल एरिया मास्टर प्लान(MasterPlan) में जयपुर के हेरिटेज, ट्रैफिक और वॉल सिटी का प्लान शामिल होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि जयपुर के इस परकोटे के संरक्षण के साथ-साथ सरकार कुछ व्यवस्थाओं में भी सुधार करेगी। धारीवाल ने परकोटे के लिए स्पेशल एरिया मास्टर प्लान बनाने और एक लाख से कम आबादी वाली 163 निकायों में जोनल प्लान की बाध्यता को समाप्त करने की घोषणा की।
द्रव्यवती नदी और रिंग रोड का काम होगा जल्द पूरा
इस दौरान स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल बोले, शहर के दो अहम प्रोजेक्ट द्रव्यवती नदी और रिंग रोड का काम भी समय पर पूरा होगा। उन्होने शहर में बन रही एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर का काम भी समय पर पूरा करने का आश्वासन दिया। धारीवाल ने यह घोषणाएं विधानसभा में नगर आयोजन और प्रादेशिक विकास के अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद की।
धारीवाल ने वार्डों के पुनर्सीमांकन पर कहा कि 30 से 40 हजार आबादी के वार्ड बना दिए। इससे पार्षद लोगों से मिल भी नहीं पाता और समस्याएं बनी रहती है। इसको देखते हुए कम जनसंख्या के छोटे वार्ड बनाए जा रहे हैं। इससे प्रशासन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो का दूसरा चरण सीतापुरा से पानीपेच तक बनवाना प्रस्तावित है। इसके लिए केन्द्र सरकार से आर्थिक सहयोग मांगा गया है और उसने हमसे वादा भी किया है। यदि केन्द्र सरकार इससे पीछे हटती है तो दूसरा चरण मुश्किल होगा।