18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर मेट्रो: अगले तीनों फेज लाइट मेट्रो के, सैटेलाइट टाउन जुड़ेंगे नियो तकनीक से

जयपुर में अगले चरण इसी तकनीक पर होंगे पूरे, बी टू बाइपास और लक्ष्मी मंदिर तिराहे पर डीपीआर में होगा संशोधन

less than 1 minute read
Google source verification
metro.jpg

अश्विनी भदौरिया.जयपुर। राजधानी जयपुर में अब परम्परागत महंगी मेट्रो ट्रेन की तकनीक नहीं दिखेगी। मौजूदा चरण के विस्तार और फेज—02 में आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। नई तकनीक में पैसा कम खर्च होगा और काम भी जल्दी होगा। इसकी शुरुआत मौजूदा फेज विस्तार के साथ होगी।
राजधानी में मेट्रो प्रोजेक्ट में अभी तक पारम्परिक तकनीक का ही प्रयोग किया गया है। दिल्ली रोड से अजमेर रोड को जोड़ने के लिए लाइट मेट्रो तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसमें खर्चा भी कम होगा। फेज—01 सी और फेज—01 डी को लेकर बुधवार को बैठक भी होगी। बजट में मुख्यमंत्री ने इस रूट की घोषणा की है।

और खर्चा कम करने की कवायद
—फेज—02 की डीपीआर को नए सिरे से बनाने की बात भी बजट में कही गई है। इसमें बीटू बाइपास और लक्ष्मी मंदिर तिराहे जेडीए की नो ट्रैफिक लाइट में शामिल हैं। ऐसे में यहां पर मेट्रो डीपीआर में बदलाव करेगा। साथ ही ऐसा माना जा रहा है मेट्रो लाइट तकनीक पर ये रूट आगे बढ़ेगा। इसमें प्लेटफॉर्म को छोटा किया जाएगा। इससे 3500 करोड़ रुपए खर्चा आने की संभावना है।
—मेट्रो लाइट तकनीक का उपयोग अभी दिल्ली में किया जा रहा है। कीर्ति नगर से द्वारका रूट का काम चल रहा है। इसके 19 किमी के रूट को इसी तकनीक पर बनाया जा रहा है। इसमें करीब 2600 करोड़ रुपए खर्च होंगे।


सैटेलाइट टाउन के लिए मेट्रो नियो होगा विकल्प
—बजट में राजधानी के आस—पास चाकसू, बस्सी, चौमूं, बगरू, फागी और चंदवाजी को सैटेलाइट टाउन की घोषणा की गई है। साथ ही मेट्रो से जोड़ने की बात भी कही है। ऐसा माना जा रहा है कि मेट्रो नियो तकनीक से इसको जोड़ा जाएगा।
—अभी देश में इस परिहवन प्रणाली का उपयोग कहीं नहीं किया गया है। नासिक में इसे लागू किया जाएगा।