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जयपुर की बहू मोनिका ने रचा इतिहास, किलिमंजारो पर्वत पर फहराया तिरंगा

Mount Kilimanjaro : 'सेवन समिट्स' का चौथा सबसे ऊंचे पर्वत है किलिमंजारो, मोनिक ने 5895 मीटर वाले इस माउंटेन को केवल 22 घण्टे में फतह कर एक नया रेकॉर्ड अपने नाम किया

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जयपुर

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Deepshikha

Aug 01, 2019

Monika

जयपुर की बहू मोनिका ने रचा इतिहास, किलिमंजारो पर्वत पर फहराया तिरंगा

जयपुर. उत्तर-पूर्वी तंजानिया स्थित किलिमंजारो पर्वत ( Mount Kilimanjaro ) को फतह कर जयपुर की मोनिका ने देश का नाम रोशन किया है। यह माउंटेन अफ्रीका महाद्वीप का सबसे बड़ा पर्वत है और विश्व का सबसे उंचा एकल पर्वत है। साथ ही यह ' सेवन समिट्स ' का चौथा सबसे ऊंचा पर्वत भी है। मोनिक ने 5895 मीटर वाले इस माउंटेन को केवल 22 घण्टे में फतह कर एक नया रेकॉर्ड अपने नाम किया है।

' बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ' का संदेश

मोनिका ने पूरे विश्व को किलिमंजारो पर्वत से बैनर के माध्यम से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का संदेश दिया। मोनिका ने बताया कि अफ्रीका महाद्वीप के इस पर्वत पर तिरंगा झंडा लहराना खास मौका रहा, इस मौके पर मैंने वहां राष्ट्रगान भी गाया। मोनिका दूदू के भगवतसिंहपुरा गांव की निवासी है।

दो साल से स्पेशल ट्रेनिंग

मोनिका ने कहा कि यहां तक पहुंचना आसान नहीं था, इसके लिए पिछले दो साल से स्पेशल ट्रेनिंग ले रही थी। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिजनों को दिया। साथ ही लोगों का धन्यवाद जताते हुए कहा कि शहर के बहुत से लोगों ने मेरी हौसला अफजाई भी की और आर्थिक मदद भी की, इसके चलते यह रास्ता मोटिवेशन वाला बन गया।


खेलों में अन्तराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया

हरियाणा से जयपुर जिले के दूदू में बहु बनकर आई बहू मोनिका ने खेलों में अन्तराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है । मोनिका अंतरराष्ट्रीय स्तर की एथलीट रह चुकी हैं। 2015 में भूटान में आयोजित साउथ एशियाड गेम में उन्होंने लोंग जंप में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा कई राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप मे भी वे मेडल जीत चुकी है। पिछले कुछ समय से वह पर्वतारोहण कर रही है।

2 साल से ट्रैकिंग

मोनिका ने बताया कि वह करीब 2 साल से ट्रैकिंग कर रही हैं और भारत की कुछ बड़ी पर्वत चोटियों पर माउंटेनिंग कर चुकी हैं। जिसमें सिक्किम, हिमालय, रिनॉक पिक, हिमालय व्यास कुंड जैसे ऊंचे पर्वतों पर भी माउंटेनिंग शामिल है। उन्होंने आगे बताया कि वह शुरू से ही खेलों से जुड़ी रही हैं। हालांकि हरियाणा में पैदा हुई तो वहां पर औरतों को इतनी आजादी नहीं होती। लेकिन उनके परिवार वालों ने उनका पूरा सपोर्ट किया जिसके बाद वो आज इस मुकाम पर पहुंची है।