जयपुर। चैत्र शुक्ल दशमी पर शुक्रवार को पुष्य नक्षत्र के उपलक्ष्य में प्रथम पूज्य गणपति का पुष्याभिषेक किया गया। शहर के गणेश मंदिरों में गजानन महाराज का पंचामृत व दुग्धाभिषेक किया गया। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर सहित अन्य मंदिरों में विशेष आयोजन हुए। पंचामृत अभिषेक करने के बाद गणेशजी महाराज को नवीन पोशाक धारण कराकर मोदकों का भोग लगाया गया।
मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में गणेशजी महाराज का पुष्याभिषेक किया गया। सर्वप्रथम शुद्ध जल से फिर दूध, दही, घी, बूरा, गुलाबजल, पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद गंगाजल से स्नान कराकर नवीन पोशाक धारण कराई गई। गजानन महाराज को मोदक अर्पित किए गए।
चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर में पुष्य नक्षत्र पर गणेशजी महाराज का 101 किलो दूध से अभिषेक किया गया। पंडित अमित शर्मा के सानिध्य में गणेशजी महाराज को अभिषेक कराकर नवीन पोशाक धारण कराई गई। इससे पहले सिंदूर का चोला चढ़ाया गया। गणेश जी महाराज को फूल बंगले में विराजमान कर गणपति अथर्वशीर्ष के पाठ किए गए। श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र बांध हल्दी की गांठ वितरित की गई। इसके साथ ही शहर के अन्य गणेशजी मंदिरों में भी पुष्य अभिषेक के आयोजन हुए।