11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

जयपुर-मुंबई ट्रेन हादसा : जयपुर के यात्री ​स्लिपर कोच से घूमते पहुंचे एसी कोच में और फायरिंग, जानें पूरा मामला

Jaipur Mumbai Express train Bullet Firing Update ... रोजगार की तलाश में उमैसा के पति ट्रेन से जयपुर से मुंबई गए थे। एक बार तो यकीन ही नहीं हुआ, उन्होंने पूछा, असगर तो ट्रेन से मुंबई गए थे, तो गोली लगी कैसे? काॅल करने वाला रेलवे कर्मचारी एक बार तो जवाब देने में झिझक गया। किसी तरह बिहार के मधुबनी जिले निवासी असगर अली को ट्रेन में गोली लगने की सूचना पत्नी को दी। उमैसा की आंखों से आंसू निकल पड़े।

2 min read
Google source verification
जयपुर-मुंबई ट्रेन हादसा : जयपुर के यात्री अससर अली ​स्लिपर कोच से घूमते पहुंचे एसी कोच में और हो गई फायरिंग, जानें पूरा मामला

जयपुर-मुंबई ट्रेन हादसा : जयपुर के यात्री अससर अली ​स्लिपर कोच से घूमते पहुंचे एसी कोच में और हो गई फायरिंग, जानें पूरा मामला

Jaipur Mumbai Express train Bullet Firing Update जयपुर. सुबह सुबह नौ बजे फोन की घंटी भजी, जयपुर के भट्टा बस्ती निवासी उमैसा खातून ने देखा अनजान नंबर है, लेकिन फोन उठाते ही काॅल करने वाले की बात सुनकर उनके पैर के नीचे से जमीन सरक गई। काॅल करने वाले ने फायरिंग में उमैसा के पति असगर की ट्रेन में मौत की सूचना दी। इससे पहले रेलवे कर्मचारियों ने बात घुमाकर बताने कोशिश की, लेकिन उमैसा के मन में आशंकाओं के बादल घुमड़ने लगे।

रोजगार की तलाश में उमैसा के पति ट्रेन से जयपुर से मुंबई गए थे। एक बार तो यकीन ही नहीं हुआ, उन्होंने पूछा, असगर तो ट्रेन से मुंबई गए थे, तो गोली लगी कैसे? काॅल करने वाला रेलवे कर्मचारी एक बार तो जवाब देने में झिझक गया। किसी तरह बिहार के मधुबनी जिले निवासी असगर अली को ट्रेन में गोली लगने की सूचना पत्नी को दी। उमैसा की आंखों से आंसू निकल पड़े। बच्चों ने पूछा क्या हुआ, लेकिन मानों आवाज निकलना ही बंद हो गई। उमैसा के कंधे पर चार बेटियों और एक बेटे के लालन-पालन की जिम्मेदारी है।

रोजगार की तलाश में मुंबई से आए थे जयपुर

पति की मौत में बेसुध पत्नी उमैसा ने बताया कि कोरोना से पहले उनके पति मुंबई की मस्जिद में काम करते थे। उसके बाद वह काम काज छोड़कर गांव चले गए थे। रोजगार तलाश में वह मई 2022 में जयपुर आ गए। भट्टा बस्ती स्थित मदीना होटल के पास एक साल से किराये पर मकान में रह रहे थे। उमैसा बताती हैं कि असगर को एक साल तक रोजगार नहीं मिल पाया। इस दौरान बेटी आमना, अमीना, साबरा खातून,सोफिया, और अब्दुल रहमान के साथ रहते थे। रोजगार नहीं मिलने के कारण असगर मजदूरी कर परिवार को पाल-पोस रहे थे। इस दौरान उन्हें पता चला कि मुंबई में मस्जिद में जगह खाली है।

पत्नी बोली- रोजगार की तलाश में सब गंवा दिया

असगर ने मुंबई स्थित मस्जिद में कॉल किया था और ट्रेन से जाना 30 जुलाई को तय हुआ। असगर ने कोच नंबर एस-6 में सीट नंबर 34 बुक करवाई थी। बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह वह घूमते हुए बी-5 कोच चले गए थे। जहां आरपीएफ जवान ने फायरिंग कर दी। असगर के भाई अश्फाक ने बताया कि रेलवे अधिकारियों से बात हुई उनका शव मुंबई से मंगलवार तक परिजन के पास आएगा। उमैसा कहती हैं रोजगार की तलाश में हमने सब गंवा दिया।