
जयपुर नगर निगम: इन वार्डो में लड़ सकेंगे निगम का चुनाव,जयपुर नगर निगम: इन वार्डो में लड़ सकेंगे निगम का चुनाव,jaipur nagar nigam
जयपुर के जिन होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, कैंटीन, आइसक्रीम पार्लर, मिठाई की दुकान सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास निर्धारित पार्किंग नहीं है तो नगरीय निकाय (शहरी सरकार) उनसे बतौर पेनल्टी 1 लाख रुपए प्रति ईसीयू (इक्विलेंट कार यूनिट यानी एक कार को खड़ी करने के बराबर जगह) लेंगे। यह राशि देने के बाद ऐसे प्रतिष्ठान मालिक तो पार्किंग उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएंगे, लेकिन जनता की परेशानी बढ़ जाएगी। ऐसी स्थिति में वाहन चालकों को सड़क पर ही वाहन खड़ा करना होगा। स्वायत्त शासन विभाग ने लाइसेंस फीस संबंधी आदेश में यह प्रावधान जोड़ दिया है। इसके अलावा सड़क चौड़ाई से लेकर मूलभूत सुविधाओं की अनिवार्यता को भी स्पष्ट किया गया है। निकाय अब इसी आधार पर लाइसेंस जारी कर सकेंगे।
1. हालात यह :
अभी इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने लाइसेंस तो ले रखे हैं, लेकिन निर्धारित पार्किंग नहीं है। नतीजतन, लोगों को सड़क पर ही वाहन खड़ा करना पड़ा रहा है। वाहनों का जमघट लगने से ट्रैफिक जाम होता है। यातायात पुलिस द्वारा चालान करने की परेशानी अलग।
2. प्रावधान यह :
बिल्डिंग बाइलॉज के तहत पार्किंग उपलब्ध कराना अनिवार्य है। मौके पर पार्किंग नहीं है तो वैले पार्किंग की सुविधा दी जा सकेगी। इसके बाद भी पार्किंग पूरी नहीं मिल पाती है तो 1 लाख रुपए प्रति ईसीयू राशि ली जाएगी। इस राशि का उपयोग शहर में अव्यवस्थित पार्किंग सुधार व नए पार्किंग क्षेत्र विकसित करने के लिए होगा।
3. नतीजा यह :
ज्यादातर मौजूदा प्रतिष्ठानों में पार्किंग नहीं है और शायद ही अब कोई पार्किंग विकसित करे। ऐसे में यह नया प्रावधान केवल निकायों की तिजोरी भरने से ज्यादा कुछ नहीं रह जाएगा। सीधे तौर पर जनता की सुविधा से सरोकार नहीं।
Published on:
21 May 2022 06:54 pm
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