5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक जुलाई से कचरा उठाने नहीं आएंगी हूपर गाडियां!, नगर निगम ने लिया फैसला

1000 से अधिक शिकायतें पेंडिंग चल रही हैं डोर टू डोर कचरा संग्रहण की

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Deepshikha

Jun 27, 2019

door to door garbage collection

एक जुलाई से कचरा उठाने नहीं आएंगी हूपर गाडियां!, नगर निगम ने लिया फैसला

अश्विनी भदौरिया / जयपुर. नगर निगम ( Jaipur Municipal Corporation ) पूरे शहर की सफाई व्यवस्था अपने हाथ में लेने का मन बना चुका है। इसकी शुरुआत एक जुलाई से हो जाएगी। इंदौर नगर निगम की तर्ज पर अपने स्तर पर पूरे शहर से घर-घर कचरा संग्रहण करने करने की तैयारी में हैं। इंदौर बीते तीन सालों से डोर टू डोर कचरा संग्रहण अपने स्तर पर कर रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।

ईसी की बैठक में जिस फेज-01 को बीवीजी कम्पनी से लेने की बात कही है, उसमें विद्याधर नगर, आमेर और हवामहल पश्चिम जोन के 25 वार्ड आते हैं। इनमें से विद्याधर नगर के वार्डों की स्थिति पहले से ठीक है, लेकिन आमेर और हवामहल पश्चिन जोन की सफाई व्यवस्था को ठीक करना निगम के लिए बड़ी चुनौती होगी।

निगम की गैराज के संसाधन
-100 हूपर

-10 जेसीबी
-24 डम्पर

इतने से काम नहीं चलेगा

प्रति वार्ड आठ हूपर कम्पनी चलाने का दावा कर रही है। फिर भी प्रतिदिन हर घर में नहीं पहुंच रहे। ऐसेे में निगम को कम से कम 10 हूपरों की व्यवस्था करनी होगी। इसके अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत भी पड़ेगी। अभी जो संसाधन हैं जो 10 वार्डों के लिए ही हैं। ऐसे में गैराज शाखा को भी मजबूत करना होगा।

जल्द होगी खरीद

-200 हूपर
-20 जेसीबी

-20 डम्पर

कम्पनी के सवाल भी जायज

घर-घर कचरा संग्रहण करने वाली कम्पनी के अधिकारियों का कहना है कि पांच सात साल का एमओयू हुआ है। ऐसे में कैसे हमसे एक फेज वापस लिया जा सकता है। जहां तक सफाई व्यवस्था की बात है तो अब तक एक भी बिल का पूरा भुगतान निगम ने नहीं किया है। जो व्यवस्था निगम करने जा रहा है, क्या उसमें पैसे खर्च नहीं होंगे। अधिकारियों का यहां तक कहना है कि निगम में कुछ नेता उनका काम नहीं करने देना चाहते हैं।


गैराज शाखा को बीते सालों में कमजोर करने का प्रयास किया गया। इसे दुबारा मजबूत किया जा रहा है। संसाधनों को बढ़ाया जाएगा। कम्पनी ने ढर्रा नहीं सुधारा तो शहर की सफाई निगम अपने स्तर पर करेगा।

विष्णु लाटा, महापौर, जयपुर नगर निगम

कम्पनी के आलाधिकारी कुछ दिन पहले आए थे और 100 नए हूपर खरीदने के लिए कहा भी था। हम तैयारी कर रहे थे। एक फेज वापस क्यों लिया जा रहा है, हमें नहीं पता। हमारा बकाया 100 करोड़ से ऊपर है।

ताना जी पंवार, प्रोजक्ट हैड, बीवीजी


इंदौर: बेहतर उदाहरण

इंदौर नगर निगम स्वच्छता सर्र्वेक्षण में बीते तीन साल से एक नम्बर पर आ रहा है। पूरे शहर को नौ जोन में बांटकर 14000 सफाईकर्मी शहर से कचरा उठा रहे हैं। सभी 19 जोन की जिम्मेदारी शहर के एनजीओ को दे रखी है। इन संगठनों के लोग शहरवासियों के साथ-साथ सफाई व्यवस्था पर भी नजर रखते हैं।

-600 से अधिक हूपर प्रतिदिन चलते हैं शहर में
-01 बार रिहायशी इलाके में और दो बार व्यवसायिक क्षेत्र में जाते हैं हूपर