
राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा SI भर्ती-2021 को निरस्त करने के ऐतिहासिक फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। रालोपा (RLP) प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने कोर्ट की टिप्पणियों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह न्यायपालिका का एक सकारात्मक कदम है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले 20-25 वर्षों में सरकारों ने अपने स्वार्थ के लिए RPSC में जो राजनीतिक नियुक्तियां की हैं, उन्होंने इस पवित्र संस्था की गरिमा को मिट्टी में मिला दिया है।
हनुमान बेनीवाल ने हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा की गई कड़ी टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि जिन RPSC सदस्यों पर पेपरलीक और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उन्हें तुरंत पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। कोर्ट ने भी माना है कि परीक्षा से पहले आरपीएससी सदस्यों ने पेपर लीक किया था।
सांसद बेनीवाल ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विगत दो-ढाई दशकों में कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही सरकारों ने अपने चहेतों को RPSC में बैठाकर भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी की हैं।
बेनीवाल ने राजस्थान की भजनलाल सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि न्यायपालिका की इन टिप्पणियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
हाईकोर्ट ने भर्ती रद्द करने के लिए जिन ठोस कारणों को आधार बनाया है, वे बेनीवाल के आरोपों की पुष्टि करते हैं:
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब सबकी नजरें आगामी कानूनी विकल्पों पर टिकी हैं:
Updated on:
05 Apr 2026 11:30 am
Published on:
05 Apr 2026 11:30 am
