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नंबर वन रैंकिंग का देख रहे ख्वाब, स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले नहीं उठ रहा कचरा

स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम की ओर से अब तक कोई विशेष प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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जयपुर

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Savita Vyas

Dec 27, 2018

kachra

नंबर वन रैंकिंग का देख रहे ख्वाब, स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले नहीं उठ रहा कचरा

जयपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम की ओर से अब तक कोई विशेष प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जबकि सर्वेक्षण को लेकर अब 10 दिन का भी समय नहीं बचा है। मैके नाइज्ड नाइट स्वीपिंग की शुरुआत भी नहीं हुई है। कुछ हिस्सों में सफाईकर्मी लगाकर सफाई की जा रही है। इधर, कचरा उठाने वाली कंपनी से निगम का सामंजस्य नहीं होने का खमियाजा शहरवासियों को उठाना पड़ रहा है। आए दिन कम्पनी के कर्मचारी हड़ताल कर काम ठप कर देते हैं। बुधवार को भी झोटवाड़ा इलाके में कचरा नहीं उठाया। हालांकि दोपहर बाद हूपर कई कॉलोनियों में पहुंचे।

पांच हजार अंकों का होगा सर्वे
निगम ने सर्वेक्षण के लिए जयपुर को 3 स्टार रेटिंग की कैटेगिरी का शहर बताते हुए आवेदन किया है। इस बार सर्वेक्षण में एक हजार अंक स्टार रेटिंग के मिलेंगे। इसमें निगम ने 3 स्टार रेटिंग यानी 500 अंक देने का दावा किया है। इसमें निगम ने 3 स्टार रेटिंग की सुविधाएं होना बताया है। इस बार सर्वे कुल 5 हजार अंक का होगा। इसमें सिटीजन फीडबैक, सर्विस लेवल प्रोग्रेस और प्रत्यक्ष निरीक्षण के अलावा सर्टिफिकेशन के भी अंक निर्धारित किए हैं। सभी वर्गो में 25.25 फीसदी अंक मिलेंगे। जबकि सर्टिफिकेशन में 20 फीसदी स्टार रेटिंग और 5 फीसदी खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) के होंगे। निगम ने ओडीएफ प्लस-प्लस में आवेदन किया है। इसमें सर्टिफाइड होने पर 250 अंक मिलेंगे। रेटिंग के दावों की जांच थर्ड पार्टी के जरिए सर्वे के दौरान की जाएगी। अगर ये दावे फेल साबित होते हैं तो अंकों में से 100 अंक की कटौती की जाएगी।
बैठक में नहीं बनी बात
सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम मुख्यालय में निगम और कम्पनी अधिकारियों के साथ बैठक हुई। निगम अधिकारियों ने सर्वेक्षण में सहयोग करने की बात कही। कम्पनी की मानें तो अक्टूबर का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। ऐसे में आए दिन कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। कम्पनी के अधिकारियों ने कहा कि हमारा भुगतान नियमों के मुताबिक होना चाहिए।