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Live Report: सवा दो घंटे में मंत्री और अधिकारी चकरा गए, किसी के काम से भी नहीं संतुष्ट

औचक निरीक्षण का सच: पट्टे जारी करने की बजाय अधिकारी—कर्मचारी अटका रहे काम

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जयपुर। प्रशासन शहरों के संग अभियान शुरू होने के बाद पहली बार नगरीय विकास मंत्री आला अधिकारियों को साथ लेकर बुधवार को ग्रेटर निगम पहुंचे। यहां करीब डेढ़ घंटे रुकने के बाद मालवीय नगर जोन पहुंचे। यहां पर करीब आधा घंटे तक रुके। इस दौरान उन्होंने लोगों से बात की और अधिकारियों से उनके जवाब पूछे। हर बार अधिकारी चुप खड़े हो जाते। कई बार अधिकारियों को लताड़ लगाई। मंत्री ने यहां तक कहा कि यह अभियान लोगों को सहूलियत देने के लिए है, न कि परेशानी बढ़ाने के लिए।
इससे पहले बातचीत में कई लोगों ने यह स्वीकार किया कि पट्टा लेने के लिए लिए वे 10 से 15 बार आ चुके हैं, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिल रहा है। कुछ ऐसे भी थे जो वर्षों से पट्टे के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
निरीक्षण में यूडीएच सलाहकार जीएस संधु, यूडीएच सचिव कुंजीलाल मीणा, स्वायत्त शासन विभाग के सचिव भवानी सिंह देथा और निदेशक दीपक नंदी भी मौजूद रहे।

हर जगह दिखी लापरवाही
मुख्यालय और मालवीय नगर जोन में औचक निरीक्षण के दौरान हर जगह खामियां मिलीं। यहां लोगों से सभी ने बातचीत और कैम्प में रखी फाइलों को खंगाला। औचक निरीक्षण में सामने आया कि अधिकारी बेवजह फाइलों को अटकाने का काम कर रहे हैं।

खास—खास
—ग्रेटर नगर सीमा क्षेत्र में अब तक पुरानी आबादी का केवल एक पट्टा जारी किया है।
—कई फाइलों में पट्टे तो मिले, लेकिन जारी नहीं किए थे। वजह पूछी तो अधिकारी नहीं दे पाए सही तरह से जवाब।
—जिन फाइलों पर विवाद नहीं, उनको भी निगम अधिकारियों ने रोक रखा था और लगा रखी थीं बेवजह की आपत्ति।
ये आया सामने
—फाइलों पर बेवजह नोटिंग कर प्रकरण को सुलजाने की बजाय उलझाया जा रहा है।
—मालवीय नगर जोन में 300 फाइलें पट्टे के लिए लगीं, लेकिन अब तक तीन के ही पट्टे जारी हुए हैं।
—प्रदेश भर में घर—घर सर्वे कराया जाएगा और जिन लोगों ने पट्टे नहीं लिए हैं, उनको दिए जाएंगे पट्टे।
—एक वार्ड का तीन दिन कैम्प चलाए जाने की योजना बनाई जाएगी।


वर्षों से पट्टे का आवेदन, अभियान में भी नहीं मिल रहा
—मालवीय नगर जोन में यूडीएच सचिव कुंजीलाल मीना ने गौतम नगर कच्ची बस्ती फाइल देखी। आवेदक शंभूदयाल ने पट्टे के लिए आवेदन कर रखा है। कई वर्षों से फाइल घूम रही है। शंभू से निगम ने सभी कागज ले लिए और उसके बाद भी पट्टा नहीं दिया। कुंजीलाल ने आवेदक को फोन कर कार्यालय बुलाया और अधिकारियों को पट्टा जारी करने के निर्देश दिए।
—मुख्यालय में नाम हस्तांतरण की फाइल पर आवंटन शर्तो की पालना लिखे जाने पर कुंजीलाल मीणा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आयोजना शाखा के उपायुक्त महेश मान से कहा कि आप आरएएस अफसर हैं। बाबू की नोटिंग को बिना पढ़े ही इस तरह नोटिस कैसे कर सकते हैं। मंत्री ने कहा कि तीन वर्ष से चिल्लाकर कह रहे हैं फिर भी नहीं सुन रहे।