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‘जादुई धारा’ को समझने में अधिकारी नाकाम, फाइलों को बना रहे ‘फुटबॉल’

    औचक निरीक्षण: आला अधिकारियों को साथ लेकर जयपुर के ग्रेटर निगम मुख्यालय पहुंचे मंत्री धारीवाल —मालवीय नगर जोन में उपायुक्त की कार्यशैली से मंत्री नाराज, कहा कि काम का ढर्रा सुधारो नहीं तो मुख्यमंत्री से कहकर करा दूंगा सस्पेंड

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जयपुर। प्रशासन शहरों के संग अभियान को गति नहीं मिल पा रही है। राजधानी में बुरा हाल है। जिस धारा 69—ए को जादुई धारा बताकर प्रदेश भर के निकायों में 10 लाख पट्टे जारी करने का दावा किया जा रहा था, उसको अधिकारी ही समझने में नाकाम हैं। नगरीय विकास मंत्री के ग्रेटर निगम मुख्यालय में औचक निरीक्षण के दौरान ये बात निकलकर सामने भी आई। मुख्यालय और मालवीय नगर जोन कार्यालय में म़ंत्री करीब सवा दो घंटे तक रहे।


मंत्री के साथ आए अधिकारियों ने रिजेक्ट फाइलों को मंगवाकर उनका परीक्षण करवाया। इन सभी को इस धारा के तहत पट्टे जारी किए जा सकते थे, लेकिन अधिकारियों ने जारी नहीं किए। कुछ फाइलें ऐसी भी मिलीं, जिनको जोन कार्यालय और मुख्यालय के बीच फुटबॉल बना रखा था। धारीवाल ने जोन उपायुक्त सुरेश चौधरी पर नाराजगी जाहिर की। जोन में अब तक सिर्फ तीन ही पट्टे जारी किए हैं।


धारीवाल ने यहां तक कहा कि सात दिन में काम का ढर्रा सुधार लो, नहीं तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कहकर सस्पेंड करवा दूंगा। काम में लापरवाही बरतने वाले मुख्यालय के एपीटी संतोष को 17 सीसी में नोटिस देने के निर्देश दिए। वहीं मुख्यालय के आरओ डीके भम्भाणी और मालवीय नगर जोन के कनिष्ठ लिपिक राजेंद्र कुमार को सस्पेंड करने के निर्देश मंत्री ने दिए। मंत्री ने राजेंद्र कुमार के लिए निलम्बन काल में काम करने निर्देश दिए।