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निगम का डोजर अधिकारी ही कर रहे कबाड़, 12 हजार रुपए किराए पर लेकर चला रहे

    —सेवापुरा में डोजर का संचालन न होने से कचरा डिपो पर लगी ट्रकों की कतार

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जयपुर। दोनों नगर निगम मिलकर कचरा निस्तारण की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। कभी बीवीजी कम्पनी हड़ताल कर देती है तो कभी डोजर (कचरे को दबाने की मशीन) की वजह से काम प्रभावित होता है। रविवार को सेवापुरा में डोजर का संचालन बंद रहा। ऐसे में वहां ट्रकों की कतार लग गई। 25 से अधिक ट्रक खड़े रहे। इसका असर शहर में भी हुआ है। ट्रांसफर स्टेशनों से कचरा नहीं उठ पाया। शाम तक कचरा पड़ा रहा।
दरअसल, निगम ने सेवापुरा और मथुरादासपुरा में कचरा दबाने और ट्रकों के लिए रास्ता बनाने के लिए डोजर किराए पर ले रहे हैं। जबकि, निगम के पास खुद का डोजर है। यह खराब होने के बाद सही नहीं हुए। सूत्रों की मानें तो जिन फर्मों से डोजर किराए पर ले रखे हैं, उनमें गैराज शाखा के अधिकारियों की पार्टनशिप है। इसी वजह से खराब डोजर सही नहीं करवाए जा रहे हैं।


12 हजार रुपए है किराया
—जानकारों की मानें तो प्रति घंटे हजार रुपए का किराया डोजर को दिया जाता है। लेकिन, 12 घंटे डोजर काम नहीं करता और निगम भुगतान पूरा करता है। हर माह निगम तीन लाख रुपए से अधिक का भुगतान फर्म को करता है।
—मथुरादासपुरा में ही पिछले माह 10 से 15 दिन तक डोजर खराब रहा था। इस वजह से ट्रकों को कचरा उतारने में दो से तीन घंटे तक अतिरिक्त लगते थे।

वर्जन———
वेरिफिकेशन संबंधी विवाद था। इस वजह से सेवापुरा में डोजर नहीं चला। निगम का डोजर अभी सही नहीं है, इस वजह से किराए पर लिया गया है। जितना फर्म काम करती है, उतना उसे भुगतान किया जाता है।
—अतुल शर्मा, उपायुक्त, गैराज शाखा