वागड़ क्षेत्र की गंगा कहा जाने वाला यह स्थान भी अस्थि विसर्जन और पितृ तर्पण की दृष्टि से पवित्र माना जाता है। पंच पुराण के मुताबिक गया (बिहार) के बाद बद्रीनाथ में अलकनंदा नदी, तृप्त कुंड के पास स्थित 'ब्रह्म कपाल नामक स्थान तर्पण, पिंडदान के लिए सबसे उत्तम माना गया है।