
जयपुर। निवारू रोड स्थित लक्ष्मी नगर निवासी लक्ष्मण सिंह के दोनों मासूम बच्चों की जान बच सकती थी…लेकिन रोज की कहासुनी मान कर न मामा ने रघुवीर को और न ही मोहल्ले वालों ने अपनी मां को बचाने दौड़ती दिव्यांशी की बात को गंभीरता से लिया। भाभी शकुंतला कंवर उर्फ बेबी कंवर, भतीजी दिव्यांशी व भतीजे सूर्य प्रताप उर्फ भानू प्रताप पर बुधवार देर शाम को चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर आत्महत्या करने वाले रघुवीर सिंह ने मंगलवार को अपने मामा को फोन किया।
मामा को सपत्ति में बंटवारे को लेकर जो मांग रहा है…वो दिलाने को कहा…नहीं दिलाने पर धमकी दी कि कल (यानि बुधवार को) रोते हुए जाओगे। डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि मामा ने रघुवीर के आए दिन इस तरह फोन करने पर उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। वहीं बुधवार शाम को रघुवीर ने दूसरी मंजिल पर रसोई में आटा लगा रही भाभी शकुंतला पर चाकू उठाकर जैसे ही वार किया तो मां की चीख सुनकर दिव्यांशी पड़ोसी घर के बाहर पहुंचकर चिल्लाने लगी,‘मेरी मां को बचा लो…चाचा मार रहा है।’
पड़ोसी ने रोज का झगड़ा समझकर उसकी बातों को अनसुना कर दिया। फिर बच्ची कॉलोनी में करीब 30 मीटर दूर एक दुकान के पास बैठे कुछ युवकों के पास मदद के लिए पहुंची। दुकानदार राकेश ने बताया कि उसने देखा कि बच्ची कुछ मिनट बाद घर की तरफ दौड़ते हुए चली गई थी। तब तक संभवत: आरोपी ने उसकी मां और भाई का मार दिया था और बच्ची के घर में जाते ही उसका भी गला रेत दिया। गुरुवार को दोनों बच्चों की एक साथ अर्थी निकलते देख लोग भावुक हो गए।
डीसीपी अमित कुमार ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा कि रघुवीर की मां ने अपने दोनों बेटों का नाम रामायण से प्रभावित होकर रघुवीर (राम) और लक्ष्मण रखा। ये कलियुग है- रघुवीर ने लक्ष्मण के परिवार की हत्या कर दी।
पुलिस व रिश्तेदारों ने बताया कि लक्ष्मी नगर में लक्ष्मण व रघुवीर के पिता ने जमीन ली थी। पिता की मौत के बाद लक्ष्मण ने जमीन के कुछ हिस्से में दो मंजिला मकान बनाया और भाई के हिस्से की जमीन खाली छोड़ दी। वर्ष 2021 में छोटे भाई रघुवीर की शादी हो गई लेकिन डेढ़-दो माह बाद ही उसकी पत्नी मायके चली गई। रघुवीर बेरोजगार था और शराब भी पीता था। वह लक्ष्मण से बने हुए मकान में आधा हिस्सा मांग रहा था। इसी बात को लेकर आए दिन शराब पीकर उत्पात मचाता था। एक माह पहले लक्ष्मण के मकान में भूतल पर रह रहा किराएदार मकान खाली कर चला गया। इसके बाद रघुवीर वह हिस्सा खुद के नाम करवाने के लिए झगड़ा करने लग गया था।
पुलिस ने बताया कि भाभी व भतीजी-भतीजे पर चाकू से हमला करने के दौरान रघुवीर सिंह के कपड़े खून से सन गए थे। उसने कपड़े बदले और बाइक से कनकपुरा फाटक तक पहुंचा था। उसने देर रात रेलवे लाइन के पास बैठकर शराब पी और फिर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना स्थल पर शराब की खाली बोतल भी मिली है।
डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि अस्पताल में भर्ती गंभीर हालत में शकुंतला इतना ही बोल पाई कि उसके देवर ने हमला कर दिया। गंभीर घायल होते हुए भी शकुंतला को अपनों बच्चों की चिंता रही…उसे थोड़ा होश था, उसी समय अपने मासूम बेटे-बेटी को छूने के लिए पलंग पर इधर-उधर हाथ हिलाए। डीसीपी अमित कुमार ने कहा कि लक्ष्मण सिंह बुधवार रात करीब 8 बजे ड्यूटी से घर लौटा तो घर की बाहर से कुंदी बंद थी। शकुंतला घिसटते हुए गेट तक आ गई थी और उसने कुंदी खोली। लक्ष्मण ने देखा कि अंदर बेटी और बेटा भी खून से लथपथ थे। लक्ष्मण की चीख सुनकर अन्य लोग पहुंचे। मां-बेटे की सांस चल रही थी तो उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया। वहीं तब तक लक्ष्मण खून में सना और बेसुध था।
Published on:
07 Jun 2024 02:31 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
