
जेडीए अपनी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराएगा। विभिन्न जोन से प्रवर्तन शाखा को जो रिपोर्ट दी गई है, उस पर गौर करें तो 820 हेक्टेयर सरकारी जमीन अतिक्रमण से प्रभावित है। इसे मुक्त कराने का अभियान सोमवार से शुरू होगा। जोन 10 में प्रवर्तन शाखा कार्रवाई कर 50 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराएगी। कार्रवाई के बाद सरकारी जमीन पर जेडीए स्वामित्व के बोर्ड भी लगाए जाएंगे और नियमित रूप से निगरानी भी होगी।
माना जा रहा है कि लैंड यूज के हिसाब से जमीन योजनाएं सृजित करेगा और जमीन से जो पैसा आएगा, वह शहर के विकास में काम आएगा। रिपोर्ट में सामने आया है कि कई जगह तो सरकारी जमीन पर स्थायी निर्माण तक हो गए हैं। ऐसे में यहां से अतिक्रमण हटाना जेडीए के लिए आसान काम नहीं होगा। दरअसल, नौ जुलाई को जेडीए में बैठक के दौरान नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने ऐसी सरकारी जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए थे, जिन पर अतिक्रमण है।
जोन भूमि (हेक्टेयर में)
13 132.98
12 66.67
10 40.45
5 31.32
4 25.38
-जोन 11 में 20.9 हेक्टेयर, जोन नौ में 17.01 हेक्टेयर, जोन 14 में 14.6 हेक्टेयर, जोन एक में 6.09 हेक्टेयर, जोन सात में 5.04 हेक्टेयर और जोन दो में 2.87 हेक्टेयर सरकारी जमीन अतिक्रमण की जद में है।
-जोन 6 में 1.9 हेक्टेयर और जोन 8 में 0.18 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण है।
-पीआरएन-उत्तर, प्रथम में 2.25 हेक्टेयर, पीआरएन-उत्तर, द्वितीय में 0.5 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण है।
-पीआरएन-दक्षिण, प्रथम में 1.02 हेक्टेयर और पीआरएन-दक्षिण, द्वितीय में 0.069 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है।
-जोन तीन में सरकारी जमीन पर कोई अतिक्रमण नहीं बताया गया है।
नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के आदेश पर जेडीए अधिकारियों की नींद टूटी। आदेश की पालना में सरकारी जमीन को चिह्नित करना शुरू किया। सवाल यह है कि नियमित काम को अधिकारी कर क्यों नहीं रहे थे? मंत्री के आदेश का इंतजार क्यों कर रहे थे? इससे बड़ा सवाल यह है कि कई जगह तो भूमाफियाओं ने जेडीए के अधिकारियों के साथ मिलकर कॉलोनी सृजित कर दीं। उनका क्या होगा? वहां किस हैसियत से अब जेडीए कार्रवाई करेगा? उन लोगों का क्या दोष है, जिन्होंने जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर पहले भूखंड खरीदा और फिर मकान बनवाया।
मंत्री के निर्देश के बाद सभी जोन से रिपोर्ट आ गई है। कुछ जोन में जमीन का भौतिक सत्यापन हो चुका है और कुछ में प्रक्रिया चल रही है। सोमवार से सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई भी शुरू करेंगे। -महेंद्र शर्मा, मुख्य नियंत्रक, प्रवर्तन शाखा, जेडीए
बजट घोषणा के हिसाब से जेडीए को राजधानी में 2,254 करोड़ रुपए के विकास कार्य कराने हैं। यही वजह है कि जेडीए का फोकस राजस्व एकत्र करने पर भी है। भले ही शुरुआत में लोन मिल जाएगा, लेकिन उसे चुकाने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए जेडीए बैकअप प्लान लेकर चल रहा है। इसी के तहत जेडीए सरकारी जमीन को मुक्त करा बेचान करेगा।
-1670 करोड़ रुपए से तीन एलिवेटेड रोड बनवाएगा जेडीए
-506 करोड़ रुपए जेडीए खर्च करेगा आरओबी और फ्लाईओवर बनाने में
Updated on:
29 Jul 2024 12:19 pm
Published on:
29 Jul 2024 10:14 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
