
जयपुर। संजय सर्कल थाना पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई व रोहित गोदारा गैंग के सक्रिय चार गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, 5 कारतूस बरामद किए हैं। डीसीपी (नॉर्थ) राशि डोगरा डूडी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों ने कहा कि उन्हें लॉरेंस गैंग से जयपुर के एक व्यापारी की हत्या की सुपारी मिलने वाली थी। गैंग ने उसको फिरौती के लिए भी धमकाया था। इसके लिए मध्यप्रदेश से हथियार लेकर आए थे। व्यापारी का नाम सामने आता उससे पहले ही पुलिस ने उनको पकड़ लिया। पूछताछ में बदमाशों ने यह भी बताया कि ब्रह्मपुरी के एक व्यापारी को भी रंगदारी के लिए धमकाया था। आरोपियों से उनके अन्य साथियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
डीसीपी राशि डोगरा डूडी ने बताया कि संजय सर्कल स्थित भोपजी का डेरा निवासी योगेश सैनी, मोहम्मद अकील मंसूरी, मूलत: मकराना के मनाना हाल मालवीय नगर निवासी हरेन्द्र बिश्नोई उर्फ राकेश को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करते हैं। उनकी निशानदेही पर हरियाणा के उकलाना स्थित एफसी कॉलोनी निवासी दीपक सैन को भी गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में जयपुर में गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने बताया कि दीपक सैन सोशल मीडिया के जरिये पंजाब की बठिंडा जेल में एक कैदी और गैंगस्टर रोहित गोदारा से उनकी बातचीत करवाता रहता है। जयपुर में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को आकाओं से निर्देश मिले थे कि मध्यप्रदेश में जाकर हथियार लेकर आने हैं। कुछ हथियार गैंग के अन्य सदस्यों को दिलवा दिए, जबकि कुछ इनके पास छोड़ दिए थे। अभी आरोपियों को मध्य प्रदेश आने-जाने, ठहरने व खाने का खर्चा आकाओं ने दिया था। वारदात के बाद मोटी रकम देते।
कोतवाली एसीपी अनूप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा ने लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई के साथ सोशल मीडिया पर ग्रुप बना रखे हैं। इन ग्रुप को लाइक करने वाले लड़कों को वो चिह्नित करते हैं। नए लड़कों को गुमराह करते हैं और उनका ब्रेनवॉश कर गैंग में शामिल करते हैं।
इन लड़कों के जरिये व्यापारियों की जानकारी व मोबाइल नंबर जुटाते हैं। फिर विदेश से व्यापारियों को रंगदारी मांगने के लिए धमकी देते हैं। आरोपी योगेश करीब ढाई वर्ष से गैंग की सोशल मीडिया की पोस्ट को लाइक-कमेंट कर रहा था। तब हाल ही उसे गैंग में शामिल किया था। व्यापारियों के नंबर देने और उनसे फिरौती की रकम मिलने के बाद आरोपियों को रकम देने का आश्वासन दे रखा था।
Updated on:
25 Nov 2024, 9:00 PM IST
Published on:
25 Nov 2024, 8:36 PM IST
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