
राजस्थान की राजधानी जयपुर के सांगानेर की रंगाई-छपाई की फैक्टरियों ने अगर सीधे द्रव्यवती नदी में दूषित पानी छोड़ा तो कार्रवाई होगी। ऐसी फैक्टरियों का बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा। हालांकि यह कार्रवाई कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से कनेक्टिविटी नहीं करने वाली फैक्टरियों पर ही होगी। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने ऐसी इकाइयों को सीईटीपी से कनेक्टिविटी जोड़ने के लिए 20 मई तक का समय दिया है। जो इकाइयां सीईटीपी से कनेक्टिविटी नहीं जोड़ेंगी, उनको खुद का इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगाना जरूरी होगा।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल में शुक्रवार को सीईटीपी को लेकर बैठक हुई। मंडल अध्यक्ष अपर्णा अरोरा ने सीईटीपी को पूरी तरह से चालू करने को लेकर निर्देश दिए। इसके लिए सीईटीपी की मरम्मत का काम और सभी इकाइयों की कनेक्टिविटी का काम 20 मई तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद सीईटीपी को चालू कर दिया जाएग
सांगानेर इलाके में संचालित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी को लेकर राज्य सरकार अब सख्त हो गई हैं। सांगानेर की करीब 500 इकाइयां ऐसी है, जो सीईटीपी से जुड़ी नहीं है। इन इकाइयों को खुद का इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगाना अब अनिवार्य होगा। ऐसी कोई भी इकाई जो न तो सीईटीपी से जुडी है और न ही खुद का ईटीपी है, उन्हें संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसी औद्योगिक इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने की तैयारी भी कार्रवाई होगी।
Updated on:
19 Apr 2025 10:42 am
Published on:
19 Apr 2025 10:39 am

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