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जयपुर रेलवे जंक्शन पर बापू के आदर्शों का कैनवास

जयपुर जंक्शन की कायापलट, युवाओं ने तीनों गेटों को अपनी कला के जरिए बनाया खूबसूरत गांधीज्म, स्पोट्र्स, स्वच्छता और सकारात्मक नागरिकता थीम पर युवाओं ने तैयार की पेटिंग्स  

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जयपुर रेलवे जंक्शन पर बापू के आदर्शों का कैनवास

जयपुर. जयपुर रेलवे जंक्शन पर यात्रियों को अब हर तरफ बापू के विचारों और उनकी जीवनी देखने को मिलेगी। जंक्शन रिजर्वेशन काउंटर हो या फिर जीआरपी ऑफिस की दीवारें। सभी जगह महात्मा गांधी ही दिखाई दे रहे हैं। शहर के युवाओं ने अपने जंक्शन को खूबसूरत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सुबह हो या चिलचिलाती धूप की परवाह किए बिना युवा जंक्शन की दीवारों पर अपनी कला के जरिए बापू को कैनवास पर उतारा। कोन्ट्री स्टार्टअप और उनकी टीम के सहयोग से रेलवे जंक्शन की कायापलट हो गई। अब जंक्शन की हर दीवार पर सोशल मैसेज देती हुई पेंटिंग दिखाई दे रही है।

कोन्ट्री के संचालक रोहित अग्रवाल ने बताया कि रेलवे जंक्शन के मुख्य द्वार, गेट नंबर 2 और हसनपुरा की तरफ वाला गेट पर गांधीज्म, स्पोट्र्स, स्वच्छता, सकारात्मक नागरिकता थीम पर तैयार किया है। अब इन गेटों की तस्वीर ही बदल गई है। पहले इन गेटों पर हमेशा गंदगी ही गंदगी दिखाई देती थी, लेकिन अब इन दीवारें आर्ट गैलरी का रूप ले चुकी है। जंक्शन को सुंदर बनाने में 100 आर्टिस्ट और 300 वॉलेंटियर्स लगे हुए हैं। खास बात यह है कि सभी वॉलेंटियर्स अलग-अलग स्कूल-कॉलेज से इन थीम्स पर काम करने और जंक्शन का मेकओवर करने के लिए आए हैं। सभी युवाओं का बस यही उद्देश्य है कि शहर को सुंदर बनाने में हम किस तरह से योगदान दे सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अपनी इच्छा से जंक्शन पर पेंटिंग कर रहे हैं।

'नजरिया बदलो नजारा अपने आप बदल जाएगा'
एमजीडी स्कूल की सृष्टि, काव्या, अक्षिता, ईशिता, छवि, सेजल निशिता, अनुष्का, वंदिता ने मुख्य गेट पर अपनी कला में सिटीजनशिप को दिखाया है। पेंटिंग में 'नजरिया बदलो नजारा अपने आप बदल जाएगाÓ सोच को ध्यान में रखते हुए तैयार की है। इसमें भारत की आंखें खुली हुई दिखाई है और देश के प्रमुख मॉन्यूमेंट्स को एकता की माला में पिरोया है। राजस्थान स्कूल ऑफ आट्र्स की भानू कुमावत और प्रियंका मीणा ने गांधी के विचारों का समावेश पेंटिंग में किया। इन्होंने बिना ब्रश इस्तेमाल किए स्पंच के पेक्चर्स बनाकर गांधी का पोट्रेट बनाया है।

वर्ष 2018 में कुछ ऐसे होते बंदर
आर्किटेक्ट शीनी परवान और आर्किटेक्ट की पढ़ाई कर रही खुशिका सांखला के आर्ट वर्क आज के समय को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। दोनों की तैयार पेंटिंग में वर्ष 2018 के गांधी जी के तीन बंदरों को दिखाया गया है, जिसमें एक बंदर के कान रिश्वत के पैसे से बंद किए हैं, जो करप्शन की बात सुनता है। दूसरे बंदर के हाथ में मोबाइल है, आज की युवापीढ़ी मोबाइल में ही अपनी लाइफ ढूंढ रही है और तीसरे बंदर को धूम्रपान करते हुए दिखाया है। यह इस बात को इंगित करता है कि युवा नशे की गिरफ्त में जा रहा है। इसे रोकना होगा। वहीं 12वीं पास कर चुकीं सिमरन गुप्ता ने महात्मा गांधी की पूरी जीवनी को ही पेंटिंग में उतारा है। पेंटिंग में गांधी के जन्म से लेकर साउथ अफ्रीका यात्रा, साबरमती आश्रम की स्थापना, नॉन वॉयलेंस एक्ट कब लागू हुआ और कब खत्म और उनके आखिरी शब्द हे राम को दीवार में रंगों के जरिए समझाया।

पेंटिंग में बापू में आदर्श
हसनपुरा की तरफ खुलने वाले गेट के पास पेंटिंग कर रही स्तुति अग्रवाल और रेशू अग्रवाल ने बापू के सिद्धांतों को बताया। उन्होंने अपनी कला में सत्य-अहिंसा, स्वदेशी, एकता और स्वच्छता को सम्मिलित किया। साथ ही राजस्थान स्कूल ऑफ आट्र्स की सोनम ने भी बताया कि देश की आजादी में गांधी का महत्वपूर्ण योगदान है। पेंटिंग में यही समझाने की कोशिश की है कि महिलाओं और लड़कियों को भी आजादी मिलनी चाहिए। लड़कियों को दबाना नहीं चाहिए, बल्कि उन्हे प्रोत्साहित करना चाहिए। खुशी माथुर ने भी गांधी के विजन एकता रखनी चाहिए, हिंसा नहीं अहिंसा से काम करना चाहिए और अच्छे नागरिक बनना चाहिए। को अपनी पेंटिंग में दिखाया।

मॉब लीचिंग को खत्म करने के लिए उठे हाथ
मॉब लीचिंग ज्वलंत मुद्दा है। महारानी कॉलेज की तृतीय वर्ष की छात्रा ऋचा जांगिड़, तोशनी और मोनिका ने इस मुद्दे पर अपने विचार पेंटिंग के माध्यम से बताए। इसमें दिखाया है कि अफवाह की वजह से भीड़ ने एक महिला के बच्चे को मार दिया। एक हाथ ऐसा उठना चाहिए, जो इसे मिटा सके।

फिट इंडिया खेलो इंडिया
चित्रकारी के माध्यम से फिट इंडिया खेलो इंडिया और एशियाड में मेडल जीतने वाले खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं दी गई हैं। आर्ट एंटरप्रेन्योर ईशा सुरोलिया ने एशियन गेम्स हेफ्थलोन में गोल्ड जीतने वाली स्वपना बर्मन का पोट्रेट तैयार किया है।