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छह घंटे बंद कमरे में झेली यातना… घरवालों से छिपाई सच्चाई, जयपुर की लड़की ने बताई आपबीती

राजस्थान की राजधानी जयपुर में 34 वर्षीय बैंक मैनेजर महिला को जालसाजों ने किया डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest), पांच से छह घंटे तक कमरे में बनाए रखा बंधक, पीडि़ता के नाम से मुम्बई में जारी सिम से अवैध गतिविधि संचालित होना बता 17 लाख की साइबर ठगी

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digital arrest

राजस्थान की राजधानी जयपुर में 34 साल की महिला से साइबर ठगी का डरा देने वाला मामला सामने आया। साइबर जालसाज ने महिला को लगभग छह से सात घंटे तक बंद कमरे में रहने को मजबूर कर दिया। इसे डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) कहा जाता है। इस दौरान जालसाजों ने पीड़िता के 17 लाख रुपए भी हड़प लिए। पीड़िता ने बताया कि घटना 20 जून को सुबह 10:45 बजे आए फोन से हुई। इसके बाद वो जालसाजों के झांसे में ऐसी फंसी की अपना सारा पैसा गवां दिया। जानें पीड़िता की जुबानी ठगी की पूरी घटना :

बता दें पीड़िता जयपुर के महेश नगर निवासी है और एसबीआई बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। पीड़िता ने बताया कि 20 जून को रोजाना की तरह वो सुबह-सुबह तैयार हो रही थी। इसी दौरान सुबह 10.44 बजे मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण का प्रतिनिधि बताते हुए खुद का नाम राजीव बताया। उसने कहा कि पीड़िता के आधार कार्ड से महाराष्ट्र में मोबाइल सिम जारी की गई है और उससे अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही है।

मना किया तो मुम्बई पुलिस को कॉल ट्रांसफर करने की बात कही
पीड़िता ने दूसरी सिम जारी होने से इनकार किया तो जालसाज ने मुम्बई पुलिस से बात करवाने की कहकर कॉल ट्रांसफर कर दी। दूसरी तरफ से कॉल रिसीव करने वाले ने अपना नाम विनय खन्ना बताया और कॉल काट दिया। तत्काल ही फिर दूसरे नंबर से कॉल आया। इस बार उसे स्काइप सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करके बात करने को कहा। पीड़िता डर के मारे जैसा जालसाज कहते गए वैसा ही करती रही। कुछ देर बाद जालसाजों ने कहा कि उसके बैंक खाते से रिजर्व बैंक में वेरिफिकेशन के लिए 20 लाख रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। जालसाजों ने पीड़िता के खाते से 17 लाख रुपए ट्रांसफर कर कहा ​कि 6 से 8 घंटे में पैसा वापस बैंक खाते में आ जाएगा। लेकिन अभी तीन लाख रुपए भी जमा करवाने होंगे।

एफडी तुड़वाकर पैसे दिए
महिला मैनेजर ने बताया कि जालसाजों ने इस तरह बात की कि उन पर शक नहीं हुआ। वो जैसे कहते गए…वैसे करती गई। कमरे में खुद का बंद कर लिया। उनको पैसे देने के लिए एफडी तुड़वा दी। बाद में म्यूचुअल फंड भी बंद करवा रही थी। लेकिन मेरे घर वालों ने फोन कटवा दिया। इससे शेष राशि बच गई। घर वालों ने बीच में टोका तो उन्हें सीबीआइ वाले कुछ पूछताछ कर रहे हैं, यह कहकर चुप कर दिया और कमरे में बंद हो गई। पीड़िता ने इस संबंध में विशेष अपराध एवं साइबर क्राइम पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।