
जयपुर में बड़ा आयोजन, तीन आर्यिका संघों का मंगल प्रवेश
जयपुर। बच्चों को संस्कार देना माता-पिता की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। धर्म एवं संस्कार की आज बडी आवश्यकता है। ये बात भट्टारकजी की नसियां में आयोजित धर्मसभा में आर्यिका स्वस्ति भूषण, भरतेश्वर मति तथा विज्ञाश्री माताजी ने कही। Jaipur Bhattarak ji ki nasiya स्वस्ति भूषण माताजी ने कहा कि धर्म के बिना संसार अधूरा है। भरतेश्वरमति माताजी ने कहा कि उत्तम संस्कार जरूरी है। बच्चों के संस्कार गर्भ से ही होते हैं। आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने कहा कि राग द्वेष को भुलाकर प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार व सार संभाल पर सभी को ध्यान देना होगा। पांचों इन्द्रियों व मन को नियंत्रित करने से ही कल्याण संभव है। इससे पहले मंगलाचरण हुआ।
सुबह भट्टारकजी की नसियां में पहली बार एक साथ तीन आर्यिका संघों का मंगल प्रवेश हुआ। मुख्य द्वार पर महावीरजी कमेटी ने पाद पक्षालन किए। लालकोठी दिगम्बर जैन मंदिर से भट्टारकजी की नसियां तक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें तीन बैण्ड, हाथी, घोड़े, ऊंट, बघ्घियां सहित महिला मण्डलों की सदस्य और अन्य श्रद्धालु शामिल हुए।
महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा के अनुसार अष्टानिका महापर्व के मौके पर 10 से 18 मार्च तक जयपुर में 256 मण्डलीय श्रीसिद्ध चक्र महामण्ड़ल विधान पूजा एवं विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन होगा। इसमें सुबह पूजा अर्चना तथा सायकांल आनन्द यात्रा, महाआरती तथा सांस्कृतिक आयोजन होंगे। इस आयोजन में पूरे देश से बडी संख्या में श्रद्धालुगण शामिल होगें। आयोजन श्री स्वस्ति भूषण प्रवास व्यवस्था समिति जयपुर के तत्वावधान में भट्टारक जी की नसिया में होगा।राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर एवं श्री स्वस्ति भूषण प्रवास व्यवस्था समिति की ओर से 8 मार्च को दोपहर में भट्टारकजी की नसियां में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के लिए विशेष आयोजन होगा। प्रबंधकारिणी कमेटी दिगम्बर जैन मंदिर श्री नेमिनाथ जी (साॅवलाजी) आमेर की ओर से भट्टारक जी की नसिया में 7 मार्च को मानस्तम्भ का महामस्तकाभिषेक होगा। 9 मार्च को सुबह 7 बजे से ध्वजा स्थापना समारोह होगा।
Published on:
06 Mar 2022 06:54 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
