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जयपुर स्मार्ट सिटी: तीन माह में 30 काम करना चुनौती, 15 फीसदी काम बकाया

राजधानी में स्मार्ट सिटी कम्पनी ( Jaipur smart city ) को बने रविवार को सात वर्ष पूरे हो गए। इस परियोजना के तहत स्कूलों की इमारतें (School building) बनाने और अस्पतालों की बैड क्षमता बढ़ाने से लेकर कार पार्किंग (Car parking) विकसित करने के क्षेत्र में अच्छे काम हुए हैं।

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जयपुर. राजधानी में स्मार्ट सिटी कम्पनी ( Jaipur smart city) को बने रविवार को सात वर्ष पूरे हो गए। इस परियोजना के तहत स्कूलों की इमारतें (School building) बनाने और अस्पतालों की बैड क्षमता बढ़ाने से लेकर कार पार्किंग (Car parking) विकसित करने के क्षेत्र में अच्छे काम हुए हैं। वहीं, परकोटे के मुख्य बाजार (Wall City main Market) में फसाड वर्क, गलियों की सफाई और स्मार्ट रोड (Smart road) के नाम पर पैसे का दुरुपयोग भी हुआ है। स्मार्ट सिटी के तहत 133 काम होने हैं। इनमें से 103 काम पूरे हो चुके हैं और 30 जगह काम चल रहा है। अधिकारियों के सामने जून तक यह काम पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। अधिकारी मान रहे हैं कि अक्टूबर तक काम खत्म कर दिया जाएगा।

जयपुर में 1000 करोड़ खर्च किए जाने हैं। अब तक शहर में 810 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।

सात साल पूरे होने पर स्मार्ट सिटी कार्यालय में कार्यक्रम के दौरान जलदाय मंत्री महेश जोशी ने कहा कि परकोटे में अच्छे काम हुए हैं। लोगों को इसका फायदा भी मिल रहा है।

 

इन प्रोजेक्ट का कोई फायदा नहीं

1-पब्लिक शेयरिंग बाइसाइकिल प्रोजेक्ट: (Public sharing Bicycle Project) साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया। लेकिन, अब तक यह सही तरह से धरातल पर नहीं उतर पाया है। अधिकांश साइकिल स्टैंड पर ताले लटक रहे हैं।

 

2-स्मार्ट टॉयलेट प्रोजेक्ट: (Smart toilet project) परकोटे और आस-पास के क्षेत्र में स्मार्ट टॉयलेट लगाए गए। कुछ दिन के बाद ही स्मार्ट टॉयलेट बदहाल हो गए। इन पर चार करोड़ रुपए खर्च कर दिए।

 

3-फसाड वर्क: परकोटे के प्रमुख नौ बाजारों में फसाड वर्क का काम हुआ। इन पर 14.62 करोड़ रुपए खर्च किए गए। लेकिन, हालात जस के तस बने हुए हैं।

 

ये जनता के फायदे का सौदा

-स्मार्ट सिटी के तहत अब तक चौगान स्टेडियम, चांदपोल अनाज मंडी और जयपुरिया अस्पताल में पार्किंग बनाई जा चुकी हैं। इसके अलावा रामनिवास बाग में पार्किंग का काम चल रहा है। इस चारों प्रोजेक्ट्स पर स्मार्ट सिटी ने 126 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

-गणगौरी बाजार स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के विस्तार पर 45 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। इस पैसे से 300 बैड का सुपरस्पेशलिटी अस्पताल विकसित किया जा रहा है।

 

युवाओं को मिलेगा मौका

-चौगान स्टेडियम में 40 करोड़ से आधुनिक स्वीमिंग पूल सहित क्रिकेट, फुटबॉल और हॉकी ग्राउंड बनाया जा रहा है।

सौर ऊर्जा में हुआ बेहतर कामस्मार्ट सिटी ने 30 सरकारी दफ्तरों में सोलर पैनल लगाए हैं। अब तक पांच मेगा वाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। अब तक इस प्रोजेक्ट के जरिए 1.42 करोड़ यूनिट बिजली बनाई जा चुकी है। अतिरिक्त बिजली बेचकर 9.96 करोड़ का राजस्व भी आया है।