29 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर के मालवीय नगर में आवारा कुत्तों का आतंक, रात में निकलना दूभर, शिवमार्ग से सेक्टर 1-3 तक खौफ का माहौल

जयपुर के मालवीय नगर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। शिवमार्ग से सेक्टर 1 से 3 तक रात में लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। राहगीरों पर भौंकने और दौड़ाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Apr 29, 2026

Jaipur Stray Dog Menace in Malviya Nagar

मालवीय नगर में आवारा कुत्तों का आतंक (पत्रिका फोटो)

मालवीय नगर (जयपुर): मालवीय नगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शिवमार्ग से लेकर सेक्टर 1, 2 और 3 तक कई इलाकों में लोग डर के साए में जी रहे हैं।

खासकर रात के समय हालात बेहद खराब हो जाते हैं। लेकिन शिकायतों के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

क्षेत्र में लगातार डॉग बाइट के बढ़ते मामले

क्षेत्र में हाल के दिनों में डॉग बाइट की कई घटनाएं सामने आई हैं। सेक्टर-1 से सेक्टर-3 तक कई लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।

स्थानीय निवासियों ने कहा- कई बार शिकायत दर्ज करवाई

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम में कई बार शिकायत दर्ज करवाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।

आवारा कुत्तों के आंकड़ों पर सूचना आयोग सख्त

जयपुर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और डॉग बाइट की घटनाओं के बीच जयपुर नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मुद्दे पर जताई गई गहरी नाराजगी के बावजूद, नगर निगम के पास कुत्तों के बंध्याकरण और टीकाकरण का कोई ठोस डेटा उपलब्ध नहीं है।

मामला तब गरमाया जब मानसरोवर निवासी संजीव माथुर ने सूचना के अधिकार के तहत निगम से इन आंकड़ों की जानकारी मांगी। निगम प्रशासन ने न तो आरटीआई का जवाब दिया और न ही प्रथम अपील पर कोई सुनवाई की। हद तो तब हो गई जब राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील के दौरान भी निगम की ओर से कोई अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ।

मुख्य सूचना आयुक्त एम.एल. लाठर ने निगम की इस कार्यप्रणाली को "उदासीनता और लापरवाही" करार देते हुए कड़ी चेतावनी दी है। आयोग ने अब निगम को 21 दिनों के भीतर वांछित सूचना उपलब्ध कराने का अंतिम आदेश दिया है। यदि इस समय सीमा में जानकारी नहीं दी गई, तो इसे आयोग के आदेश की अवमानना माना जाएगा।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में आवारा मवेशियों की समस्या को स्थानीय निकायों की विफलता बताया था। जयपुर की स्थिति भी इससे अलग नहीं है, जहाँ बिना डेटा और योजना के लाखों रुपये खर्च करने के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर समस्या जस की तस बनी हुई है।

क्या कहना है लोगों का

रात में बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं है। कई बार कुत्ते दौड़ाकर हमला करने की कोशिश करते हैं। लेकिन शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती।
-शिवानी शर्मा

रात में झुंड बनाकर करते हैं हमला

स्थानीय निवासियों के अनुसार, रात आठ से नौ बजे के बाद घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। देर रात कुत्तों के झुंड राहगीरों को घेर लेते हैं और हमला करने के लिए दौड़ते हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
-रिपोर्टः अंशिका कसाना

बच्चों और बुजुर्गों के लिए हालात और भी गंभीर हैं। डॉग बाइट के मामले बढ़ रहे हैं, फिर भी निगम इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा।
-रक्षिता अग्रवाल